पटियाला के मिनी सेक्रेटेरिएट में बुधवार को 7वीं एनडीआरएफ (NDRF) बटालियन द्वारा भूकंप से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान, भूकंप प्रतिक्रिया प्रणाली (रिस्पॉन्स सिस्टम) के विस्तृत तालमेल का प्रदर्शन किया गया। एम्बुलेंस सेवाओं की त्वरित व्यवस्था और घायलों को सुरक्षित सहायता पहुंचाने के तरीकों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। पटियाला के उपायुक्त (DC) ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में जागरूकता पैदा करना है, ताकि आपात स्थिति में घबराने के बजाय वे सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें। उन्होंने सड़कों को साफ रखने, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और फिर दूसरों की मदद करने के महत्व पर जोर दिया। अच्छे की उम्मीद करो- बुरे के लिए तैयार रहो : डीसी उपायुक्त ने डिप्टी कमांडेंट दीपक सिंह और उनकी टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की ट्रेनिंग और उपकरण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। उन्होंने पंजाब में आई पिछली बड़ी आपदाओं के दौरान एनडीआरएफ की महत्वपूर्ण भूमिका को भी याद किया। उपायुक्त ने बताया कि ऐसी स्थितियां कभी न आएं, इसकी उम्मीद की जाती है, लेकिन “अच्छे की उम्मीद करो, बुरे के लिए तैयार रहो” के सिद्धांत के अनुसार तैयारी हमेशा आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भविष्य में स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों में भी इसी तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी। डीसी बोले- आपातकाल में निपटने की ट्रेनिंग दी गई पटियाला के उपायुक्त ने कहा कि यह मॉक ड्रिल बहुत विस्तृत तरीके से की गई है। सभी विभागों के बीच अच्छा समन्वय था और कर्मचारियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया की ट्रेनिंग दी गई। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट दीपक सिंह ने बताया, हम 7वीं एनडीआरएफ बटालियन से लुधियाना से पटियाला आए हैं। हमारी टीम यहां 12 दिनों तक रहेगी। इस दौरान, हम विभिन्न सरकारी विभागों, अस्पतालों और अधिकारियों के साथ मिलकर ट्रेनिंग और जागरूकता गतिविधियां करेंगे, ताकि आपदाओं के दौरान अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें।


