बरनाला में निहत्थे सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को पटियाला में सफाई कर्मचारी यूनियनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। यूनियनों के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों ने पूर्ण हड़ताल रखते हुए नगर निगम कार्यालय से एक विशाल रोष मार्च निकाला। इस दौरान सैकड़ों कर्मचारियों ने शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में शहर के आम नागरिकों और दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलकारियों के प्रति एकजुटता दिखाई। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। उन्होंने किसी भी व्यापारी या दुकानदार पर दबाव नहीं बनाया, बल्कि लोगों ने स्वतः ही सफाई कर्मचारियों के हक में दुकानें बंद रखीं। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने से भारी रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने बरनाला घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अपने हक के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर बेवजह लाठीचार्ज किया गया। नेताओं ने कहा कि हालांकि सरकार ने कर्मचारियों की कई मांगें मान ली हैं, लेकिन लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कोई प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पूरे पंजाब के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बरनाला घटना के दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस राज्यव्यापी संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सफाई कर्मचारी अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट हैं और जब तक पीड़ित कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।


