पटियाला के डिप्टी कमिश्नर वीरजीत वालिया ने सरकारी स्कूलों में दाखिला अभियान शुरू किया है। गवर्नमेंट एलिमेंट्री स्मार्ट स्कूल, मॉडल टाउन (ब्लॉक पटियाला-3) में इस अभियान का शुभारंभ करते हुए उन्होंने पेरेंट्स से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की अपील की। वालिया ने कहा कि सरकारी स्कूल हर तरह से निजी स्कूलों से बेहतर हैं और पेरेंट्स को अच्छी शिक्षा के लिए इनका लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर, स्कूल ऑफ एमिनेंस, फीलखाना के दो छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पेरेंट्स को सरकारी स्कूलों में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और छात्र-अनुकूल सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। निजी स्कूलों से कम नहीं सरकारी स्कूल : डीसी वालिया ने कहा कि पंजाब का भविष्य सुरक्षित हाथों में है क्योंकि सरकारी स्कूलों के शिक्षक अत्यंत योग्य और समर्पित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सरकारी स्कूल किसी भी मायने में निजी स्कूलों से कम नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में शिक्षा क्रांति का उल्लेख किया। इसके तहत पंजाब के सरकारी स्कूलों को विश्व स्तरीय विद्यालयों के रूप में विकसित किया गया है और शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए गए हैं। पटियाला जिले में कितने स्कूल डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पटियाला जिले में कुल 939 एलिमेंट्री, 170 मिडिल, 96 हाई और 109 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें 10 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 29 पीएमश्री स्कूल, 33 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस और एक स्कूल ऑफ ब्रिलियंस शामिल हैं, जो सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर वीरजीत वालिया ने शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे, क्योंकि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है। उन्होंने छात्रों से भी आह्वान किया कि वे सरकारी स्कूलों में उपलब्ध बेहतरीन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपना उज्ज्वल भविष्य बनाएं।


