पड़ोसी देशों से खराब रिश्तों का असर उर्स पर; बांग्लादेश से 250 कलंदर नहीं आए, पाक जत्थे में भी जायरीन कम

भारत के दो पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों का असर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स पर भी पड़ रहा है। इस बार बांग्लादेश से भारत के रिश्तों में खटास है, इसका नतीजा यह है कि पहली बार कलंदर व मलंगों का दल उर्स में शामिल नहीं हुआ। बांग्लादेश से 250 से अधिक कलंदर व मलंग आते हैं। जायरीन का आना भी मुश्किल लग रहा है। इधर, पाकिस्तान से रिश्ते स्थिर हैं, लेकिन इस बार वहां से भी कम ही जायरीन आ रहे हैं। वैसे बांग्लादेश भारत का पड़ोसी मित्र देश रहा है। इसका लाभ बांग्लादेश के नागरिकों को भारत में मिलता रहा है, लेकिन पिछले महीनों में जिस तरह से बांग्लादेश में हालात बने। विद्रोह के चलते पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का तख्ता पलट हुआ और उन्हें देश छोड़ कर भागना पड़ा। इसका असर भारत में भी पड़ा। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों व धार्मिक स्थलों पर हुए हमलों और कट्टर पंथियों के हाथों में घिरी यूनुस सरकार से दोनों देशों के संबंध और बिगड़ गए।

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