भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की अनुशंसा के आधार पर मंगलवार को प्रेस वार्ता में दावा किया कि पत्थर दलालों के इशारे पर राज्य की पुलिस ने सूर्या हांसदा की हत्या की है। यह एनकाउंटर पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच से इसका समाधान नहीं, बल्कि लीपापोती होगी। सीबीआई जांच ही इसका एकमात्र समाधान है। दीपक ने राज्य सरकार से इस घटना की अविलंब सीबीआई जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि सरकार सूर्या हांसदा के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराए और निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी पुलिस पदाधिकारियों का अविलंब स्थानांतरण करे। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, प्रदीप सिन्हा, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक भी थे। बता दें कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने चर्चित सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच की अनुशंसा की है। इस संबंध में आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखते हुए राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश के आवेदन पर की गई स्थलीय जांच की रिपोर्ट भी भेजी है। सूर्या प्रकरण पर भाजपा की बयानबाजी भ्रामक : विनोद झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने सूर्या हांसदा प्रकरण को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए बयानों को भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीतिक लाभ के लिए सस्ती बयानबाजी करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं के बीच यह चर्चा है कि राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश व्यक्तिगत लाभ के लिए सूर्या हांसदा मामले को तूल दे रहे हैं। भाजपा जिस तरह इस गंभीर मामले को सियासी मंच बना रही है, वह न केवल पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है, बल्कि आदिवासी समाज का भी अपमान है। भाजपा को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि सूर्या पर दर्ज 24 से अधिक मुकदमों का सच क्या था? क्या अवैध खनन व तस्करी में भाजपा से जुड़े कुछ चेहरे शामिल नहीं रहे हैं? पांडेय ने स्पष्ट किया कि सूर्या हांसदा का एनकाउंटर घनघोर आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण हुआ। राज्य सरकार ने शुरुआत से ही इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और न्यायिक जांच के साथ-साथ सीआईडी जांच भी प्रक्रियाधीन है। भाजपा नेताओं को बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाने के बजाय जांच एजेंसियों पर भरोसा रखना चाहिए।


