बांसवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय ने पत्नी की हत्या के एक मामले में खांडाडेरा निवासी सोहन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने पत्नी मंजुला के चरित्र पर संदेह करते हुए खाट की लकड़ी से हमला कर उसकी हत्या की। मामले में बेटे की गवाही और डीएनए रिपोर्ट को अहम आधार माना गया। 26 अक्टूबर 2023 की सुबह हुई थी वारदात
यह मामला 26 अक्टूबर 2023 की सुबह का है। मृतका के बेटे संदीप ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि सुबह जब वह उठा और मां को रोटी बनाने के लिए आवाज दी, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद पिता सोहन ने दरवाजा खोला। हाथ में खून सना उपला लेकर भागा आरोपी
संदीप के अनुसार दरवाजा खुलते ही उसने देखा कि पिता के हाथ में खून से सना खाट का लकड़ी का उपला था और वे तुरंत वहां से भाग गए। इसके बाद जब वह कमरे के अंदर गया, तो उसकी मां मंजुला खाट पर खून से लथपथ मृत पड़ी थी। उसके सिर पर गंभीर चोटें थीं। 17 गवाह और 28 डाक्यूमेंट्स पेश किए गए
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाह और 28 डाक्यूमेंट्स कोर्ट में पेश किए गए। एफएसएल की डीएनए रिपोर्ट में यह सामने आया कि घटनास्थल से मिली खून सनी गुदड़ी और आरोपी के पास से बरामद लकड़ी के उपले पर मिला खून मृतका के डीएनए से मेल खाता है। कोर्ट ने बेटे की गवाही को विश्वसनीय माना
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सामान्य सामाजिक परिस्थितियों में कोई भी बेटा अपने पिता पर इतने गंभीर अपराध का झूठा आरोप नहीं लगाएगा। आरोपी का घटना के बाद मौके से भाग जाना उसके आचरण पर सवाल खड़े करता है। मानसिक अस्वस्थता का दावा खारिज
आरोपी पक्ष ने सोहन को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताने का तर्क दिया, लेकिन कोर्ट ने किसी भी तरह के चिकित्सीय प्रमाण के अभाव में इस दलील को खारिज कर दिया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने पैरवी की।


