देश की सबसे बड़ी डकैती और 49 अपराधों में शामिल रह चुका मोहर सिंह पारदी एक बार फिर से चर्चाओं में है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। ऐसे में मोहर सिंह ने एक युवक का निर्वस्त्र और मारपीट करते VIDEO जारी किया है। इसमें वह प्रायवेट पार्ट पर प्लास को लगाते और पानी डालकर जूतों से मारपीट करता दिखाई दे रहा है। यह एक माह पहले बनाया गया था, जो अब सामने आया है। VIDEO सामने आने के बाद फरार चल रहे मोहर सिंह पारदी ने एसपी संजीव कुमार सिन्हा को इसका कारण बताते हुए कहा- मेरी घरवाली, मेरी बेटी को कोई फोन लगाएगा, तो मुझे तो गुस्सा आएगा। समझाने पर वो नहीं समझ रहा तो मैं क्या करूं। इसलिए मैंने उसकी पिटाई की, निर्वस्त्र किया। उसको प्लास भी लगाया। ये बात मैंने लोगों को वीडियो बनाकर बताई। सर, मेरे को जो दिखा, वो मैंने किया। मोहर सिंह बोला- फोन से परेशान हो चुकी थी पत्नी
मोहर सिंह पारदी ने VIDEO में कहा- ‘आदरणीय एसपी साहब को मेरा प्रणाम। जो लड़का है, वो हमको परेशान करता रहता था। आधी रात को फोन लगाना, एक बजे रात में, दो बजे रात में। मेरी पत्नी को फोन लगाना। वहां पर मेरी बेटी भी रहती थी। कभी किसी बहाने से, कभी दूसरे बहाने से फोन लगाना। मेरी घरवाली परेशान हो चुकी थी।’ ‘मैंने नंबर निकालकर पता किया, तो ये नंबर लड़के का निकला। उसके भाई को दो महीने पहले भी मैंने बोला कि भाई को समझा ले। वो क्यों फोन करता है। तेरे चाचा के लड़के को समझा ले, वो मेरे घर पर फोन लगाता रहता है, वो गलत लगाता है। तब भी वो नहीं माना। अब मेरे को आया गुस्सा। मेरी पत्नी को उसने ऐसी बात बोली, इसलिए मैंने ऐसा किया। इतना ही कहना है सर, प्रणाम।’ खाना लाते समय युवक को उठाया, निर्वस्त्र कर पीटा
मोहर सिंह कुछ समय से साइलेंट चल रहा था, लेकिन 20 जनवरी को वह एक बार फिर से चर्चा में आ गया। दरअसल, धरनावदा थाने के ग्राम बीलाखेड़ी में 19 जनवरी को हुए एक झगड़े में वीरेन्द्र उर्फ वीरन पारदी गोली लगने से घायल हो गया था। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती वीरेन्द्र की देख-रेख के लिए पीड़ित युवक को लगाया गया था। 20 जनवरी की रात 10 बजे पीड़ित युवक अस्पताल से निकलकर जज्जी बस स्टैंड के सामने एक होटल पर खाना लेने गया था। इसी दौरान रास्ते में मिले मोहर सिंह पारदी, मिथुन, नरेन्द्र पारदी निवासी हड्डीमील गुना उसे उठाकर ग्राम गढ़ला ले गए थे, जहां युवक को यातनाएं दी गईं। इस दौरान उसे निर्वस्त्र कर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई और उसे लटका दिया गया। उस पर पानी भी डाला जाता रहा। उस पर जूते बरसाए गए। आरोपियों की प्रताड़ना यहीं नहीं रुकी, उन्होंने युवक के प्राइवेट पार्ट को प्लास से भी खींचा। इस पूरी घटना का वीडियो खुद बदमाशों में से एक ने बनाकर उसे वायरल कर दिया। एक माह बाद की शिकायत, तीन आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों के चंगुल से किसी तरह युवक छूटकर अपनी मां के पास पहुंचा और उसे पूरी कहानी बताई। इसके बाद 8 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज की। मामले में मोहर सिंह, कालू पारदी, मिथुन पारदी, नरेंद्र पारदी और अन्य को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना का मुख्य सरगना मोहर सिंह फिलहाल फरार चल रहा है। मोहर सिंह ने 13 साल की उम्र में पहला अपराध किया
मोहर सिंह पारदी (48) पुत्र हटे सिंह मूल रूप से धरनावदा थाना इलाके के खेजरा गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह बजरंगगढ़ इलाके के गढ़ला गिर्द में रहता है। यहां फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जा कर खेती करना शुरू किया। इसके अलावा शहर के हड्डी मील पर भी उसने घर बनाया। जब इस घर की जांच हुई, तो वह भी अवैध निर्माण निकला। जुर्म की दुनिया से कमाए पैसों से ही उसने यह घर बनाया था। इस घर को तोड़ने की प्रक्रिया भी की जा रही है। आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार सबसे पहला मामला साल 1990 में चोरी का दर्ज हुआ, यानी उस समय मोहर सिंह 13 साल का था। यहीं से उसका आपराधिक सफर शुरू हुआ। अब तक उस पर 50 अपराध दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 43 केस गुना जिले में और 7 केस अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। उस पर साल 2021 में एक बार राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। उस पर मर्डर, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, बलवा, चोरी सहित कई केस दर्ज हैं। 2 तस्वीरों में देखिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई- 2016 में चलती ट्रेन में डकैती की, 2021 में बरी हुआ
मोहर सिंह का नाम देश की सबसे बड़ी ट्रेन डकैती में भी आया था। 8 अगस्त, 2016 को मध्य प्रदेश के पारदी गिरोह ने 1800 KM दूर तमिलनाडु में चलती ट्रेन की छत काटकर 5.80 करोड़ का डाका डाला था। तमिलनाडु के सेलम से चेन्नई जाने वाली पैसेंजर ट्रेन (11064 सेलम-चेन्नई इग्मोर एक्सप्रेस) की रिजर्व बोगी में RBI के 342 करोड़ रुपए ले जाए जा रहे थे। 18 पुलिसवाले भी बगल की बोगी में थे। मगर जब तक ट्रेन सेलम से विरधाचलम का 140 KM का सफर पूरा करती, तब तक डाका पड़ चुका था। पुलिस और CID ने हजारों लोगों से पूछताछ की। लाखों कॉल डिटेल्स खंगाली गई। आखिर में NASA की मदद लेना पड़ी। पूरे 730 दिन बाद यानी 30 अगस्त, 2018 को पता लगा कि ट्रेन रॉबरी किसने की थी। डकैत ज्यादातर रकम नदी में बहा चुके थे। दरअसल, 8 अगस्त 2016 को डकैती के बाद 8 नंवबर, 2016 में नोटबंदी लागू हो गई। 500 और 1000 के नोट बंद हो गए। साल 2021 में इस मामले में मोहर सिंह बरी हो चुका है। गुना एसपी बोले- 25 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया
गुना एसपी संजीव सिंहा ने कहा- वीडियो सामने आने के बाद तीन को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी मोहर सिंह अभी फरार है। इस मामले में जो भी कार्रवाई हो सकती है, वो की जा रही है। फॉरेस्ट की 25 बीघा जमीन पर अतिक्रमण किया गया था, उसे हटाया गया है। संबंधित खबरें भी पढ़ें… फरार आरोपी मोहर सिंह के अतिक्रमण पर चली JCB पारदी युवक से अमानवीय कृत्य करने के मामले में फरार चल रहे पारदी बदमाशों की तलाश में पुलिस लगातार दबिशें दे रही है। गुरुवार को पुलिस ने मामले में फरार आरोपी मोहर सिंह की ओर से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर की जा रही फसल को नष्ट कर उसके अवैध अतिक्रमण को हटाया। पूरी खबर पढ़ें… बर्खास्त SI करा रहा पारदियों से लूट-डकैती ‘2001 से पहले पारदी वारदात तो करते थे, लेकिन पुलिस वालों से नहीं उलझते थे। 2001 में रामवीर गुना के धरनावदा थाने में आरक्षक बनकर आया। उसने पारदियों से नजदीकी बढ़ाई। कुछ पारदियों को भड़काया और हमारे समाज को कई गुटों में बांट दिया। आपस में मुखबिरी और झगड़े करवाए। रामवीर नहीं चाहता कि गुना में दमदार एसपी टिके।’ पूरी खबर पढ़ें…


