क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि भोपाल के कोलार रोड इलाके में 28 मई 2021 की सुबह मैदान में एक लाश मिलती है। शव का प्राइवेट पार्ट गायब था, उसे कुत्ते और सूअर नोच रहे थे। शव की पहचान मोहन मीणा के रूप में हुई, जिसे बेरहमी से पीटकर मारने के बाद सुनसान जगह फेंका गया था। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो दीवारों पर खून के धब्बे मिले, जो मोहन का खून था। कड़ाई से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहन खुद की भतीजी के कैरेक्टर पर शक करता था। इसी बात पर उसकी भाभी उर्मिला, उसके बेटे राजू और किराएदार राजेश ने मिलकर मोहन की डंडे और हथौड़ी से मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को उर्मिला के घर के भीतर जमीन में दफन एक और कंकाल मिला, जिसके बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। कंकाल ने मामले को और उलझा दिया। घर के अंदर मिला कंकाल किसका था? उसे किसने मारकर दफनाया? पढ़िए क्राइम फाइल्स के पार्ट 2 में… एक किरदार जो 5 साल से गायब था
इस पूरी कहानी में एक किरदार अब तक गायब था- उर्मिला का पति रंजीत मीणा। वह पांच-छह साल से लापता था। जब भी कोई उसके बारे में पूछता तो उर्मिला बहाना बना देती कि वह काम के सिलसिले में मंडीदीप में रहता है और किसी से बात नहीं करना चाहता। उसने कभी किसी की फोन पर भी रंजीत से बात नहीं कराई। इसी बीच मोहन के एक और भाई सुनील ने पुलिस में एक और शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसका मंझला भाई रंजीत 5 साल से लापता है। उसे शक है कि उसकी हत्या हो चुकी है। सुनील ने हत्या का सीधा आरोप अपनी भाभी उर्मिला पर लगाया। पड़ोसियों ने भी इसकी पुष्टि की कि उन्होंने रंजीत को कई साल से नहीं देखा। अब पुलिस के शक की सूई पूरी तरह से उर्मिला पर टिक गई थी। एक देवर की हत्या और अब पति के लापता होने का मामला। पुलिस ने उर्मिला से दोबारा कड़ाई से पूछताछ शुरू की। अवैध संबंधों की नींव पर रखी गई पहली हत्या की कहानी
आज से लगभग 7 साल पहले उर्मिला अपने पति रंजीत मीणा, देवर मोहन मीणा और अपने दो बच्चों के साथ इसी घर में रहती थी। रंजीत दिव्यांग था, जिस वजह से उर्मिला उसे पसंद नहीं करती थी। पति-पत्नी के बीच रिश्ते में गर्मजोशी नहीं थी। इसी खालीपन का फायदा उठाकर देवर मोहन ने अपनी भाभी से नजदीकियां बढ़ाईं। जल्द ही दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। यह रिश्ता ज्यादा दिन तक छिप नहीं सका। एक दिन पति रंजीत ने उर्मिला और मोहन को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसके बाद घर में हर रोज कलह और झगड़े होने लगे। रंजीत का विरोध उर्मिला और मोहन के रास्ते का कांटा बन गया था। दोनों ने मिलकर उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। साल 2016, तीज के त्योहार से एक दिन पहले की रात थी। जब पूरा मोहल्ला त्योहार की तैयारी कर रहा था, तब इस घर में एक भयानक साजिश रची जा रही थी। बच्चों की आंखों के सामने दफन हुआ पिता का शव
उस रात का सबसे दर्दनाक पहलू यह था कि उर्मिला के 12-13 साल के बेटे-बेटी ने अपनी आंखों के सामने चाचा और मां को पिता की हत्या करते देखा था, लेकिन दोनों को इतना डरा-धमका दिया गया था कि उन्होंने डर के मारे आज तक किसी को कुछ नहीं बताया। हत्या के बाद उर्मिला और मोहन ने लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने शव को एक कपड़े में लपेटा और पलंग के नीचे छिपा दिया। उसी रात मोहन ने घर के अंदर सेप्टिक टैंक के पास गड्ढा खोदना शुरू किया, जिसमें उर्मिला ने भी उसकी मदद की। पहली रात गड्ढा खोदने में ही निकल गई। दिनभर रंजीत की लाश कमरे में पलंग के नीचे पड़ी रही और बच्चे उसी खौफ के साये में जीते रहे। 5 साल बाद दोहराई गई वही कहानी
पति को रास्ते से हटाने के बाद उर्मिला और मोहन का रास्ता साफ हो गया था। उर्मिला ने सबको यही कहानी सुनाई कि रंजीत उसे और बच्चों को छोड़कर चला गया है। धीरे-धीरे समय बीतता गया। लोग भी रंजीत को भूल गए, लेकिन कहते हैं पाप का घड़ा एक दिन जरूर भरता है। 5 साल तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन अब रिश्तों में शक ने अपनी जगह बना ली थी। उर्मिला को शक होने लगा कि मोहन का किसी और महिला से संबंध है। वहीं मोहन को अपनी भतीजी और किराएदार राजेश की नजदीकियों पर शक था। जिस अवैध रिश्ते के लिए उन्होंने एक हत्या की थी, अब वही रिश्ता उनके बीच दरार की वजह बन रहा था। दो हत्याएं, दो आजीवन कारावास
पुलिस की जांच पूरी हो चुकी थी। डीएनए रिपोर्ट ने भी पुष्टि कर दी कि सेप्टिक टैंक के पास मिला कंकाल रंजीत मीणा का ही था। पुलिस ने उर्मिला के खिलाफ पति की हत्या और सबूत छिपाने का मामला दर्ज किया। भोपाल जिला अदालत में दो साल तक सुनवाई चली। 27 जनवरी, 2023 को अदालत ने उर्मिला को पति की हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं देवर मोहन की हत्या के मामले में उर्मिला और किराएदार राजेश वाल्मीक को आरोपी बनाया गया। इस मामले में भी दो साल तक केस चला। 23 अगस्त, 2023 को भोपाल जिला कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। एक ही घर में हुए दो कत्ल की यह कहानी रिश्तों के पतन, वासना और विश्वासघात की एक ऐसी मिसाल है, जो समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि इंसान अपनी हवस में किस हद तक गिर सकता है। क्राइम फाइल सीरीज का पार्ट-1 भी पढ़िए…. मैदान में पड़ी लाश, गायब था प्राइवेट पार्ट:घर में दफन मिला एक और कंकाल, पुलिस के सामने दो लाशें बनीं अबूझ पहेली मध्य प्रदेश क्राइम फाइल में बात राजधानी भोपाल के कोलार इलाके के एक ऐसे दोहरे हत्याकांड की, जिसने न केवल शहर में सनसनी फैला दी, बल्कि जांच करने वाली पुलिस टीम को भी हैरान कर दिया। कहानी की शुरुआत एक लाश से होती है, जिसे जानवरों ने क्षत-विक्षत कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…


