छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक निजी चैनल के पत्रकार के साथ मारपीट और धमकी की घटना के बाद, पुलिस द्वारा पत्रकार पर ही एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में जिले के पत्रकारों ने सिग्नल चौक पर धरना प्रदर्शन किया। पत्रकार संघ ने इसके विरोध में एफआईआर को रद्द करने और संबंधित कंपनी की जांच की मांग की गई। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, निजी चैनल के रिपोर्टर संजय यादव बीते दिन ग्राम हरीनछपरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक पानी पैकिंग फैक्ट्री में समाचार कवरेज के लिए गए थे। वहां उन्होंने पानी की शुद्धता, फिल्टरिंग प्रक्रिया और अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर फैक्ट्री मालिक से सवाल पूछे। पत्रकार के सवालों से नाराज़ होकर फैक्ट्री मालिक ने संजय यादव के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। घटना की सूचना पत्रकार ने तत्काल 112 और पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री मालिक को थाने ले गई। एफआईआर दर्ज हुई लेकिन पत्रकार पर भी कार्रवाई बाद में संजय यादव ने मारपीट और जान से मारने की धमकी को लेकर थाना में आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। हालांकि, फैक्ट्री मालिक के एक आवेदन के आधार पर, बिना किसी जांच के पत्रकार संजय यादव के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया। पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन पुलिस के इस दोहरे रवैये के विरोध में आज शहर के सिग्नल चौक पर जिले के पत्रकारों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पत्रकार पर दर्ज एफआईआर तत्काल रद्द की जाए। इसके साथ ही संबंधित फिल्टर वाटर फैक्ट्री की गुणवत्ता और वैधता की जांच की जाए। पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जांच और कार्रवाई की मांग धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ है और इस तरह की घटनाएं प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि ऐसी फैक्ट्रियां सरकारी मापदंडों के अनुसार ही संचालित हो रही हैं या नहीं।


