झालावाड़ के पनवाड़ कस्बे में लगभग 60 लाख रुपए की लागत से निर्मित ग्रामीण गौरव पथ बदहाली का शिकार है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह मार्ग आठ साल बाद भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 24 जनवरी 2017 को इसका शिलान्यास किया था, लेकिन उचित देखरेख और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इसकी स्थिति बिगड़ गई है। नंदपुरा निवासी दीपक सुमन, रवि सुमन और ओमप्रकाश सुमन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा मार्ग के किनारे नालियों का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन उनकी नियमित सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके परिणामस्वरूप नालियां अक्सर जाम रहती हैं और गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे राहगीरों को आवाजाही में भारी असुविधा होती है। वहीं, खूंट के हनुमानजी मंदिर मोहल्ले के कन्हैयालाल बासुंडिया, रामबाबू सुमन, मुरारी सुमन, गोलू राथलिया, कमल सुमन और लोकेश सुमन सहित अन्य ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि खूंट के हनुमानजी मंदिर से गांव की ओर जाने वाले गौरव पथ पर नालियों का निर्माण ही नहीं किया गया है। यह मार्ग गांव का एक प्रमुख धार्मिक और आवाजाही का रास्ता है, जहां दिनभर प्रसिद्ध खूंट के हनुमानजी मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।


