प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मप्र के पन्ना के निवासी व वनकर्मी जगदीश प्रसाद अहिरवार के प्रयासों की सराहना की। पीएम ने बताया कि जंगल में बीट गार्ड के रूप में काम करते हुए जगदीश को यह अहसास हुआ कि वहां पाए जाने वाले औषधीय पौधों की जानकारी कहीं व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं है। इसके बाद उन्होंने पहल की और 125 से अधिक औषधीय पौधों की पहचान की। जगदीश का ड्यूटी से आगे- ‘डेटाबेस’ का जुनून
जगदीश रोज 15 से 20 किमी पैदल जंगल में चलते हैं। हर घास-फूस, हर पौधे को जानने की लगन ने उन्हें सच्चा ‘जंगल वॉकर’ बना दिया। उन्होंने सिर्फ औषधीय पौधों की पहचान ही नहीं की, बल्कि उनका डिजिटल और लिखित डेटाबेस भी तैयार किया। इसमें दर्ज है कि कौन-सा पौधा किस बीमारी में उपयोगी है, किस बीट क्षेत्र में कौन-सी जड़ी-बूटियां अधिक हैं, उनकी उपलब्धता कैसी है और उनसे जुड़ा औषधीय ज्ञान क्या है। यह डेटाबेस वन विभाग के साथ-साथ आयुष मंत्रालय और जैव विविधता अनुसंधान के लिए भी उपयोगी हो सकता है। वन विभाग ने इसे संकलित कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया है। चलता है का दौर खत्म, सिर्फ क्वालिटी मंत्र: मोदी पीएम मोदी ने कहा- ‘चलता है’ की सोच के साथ देश आगे नहीं बढ़ सकता। हर सेक्टर में क्वालिटी को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने स्टार्टअप व उद्योग जगत से अपील की कि वे सिर्फ क्वालिटी को मंत्र बनाएं। भारतीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। यह जरूरी है कि जो भी भारत में बने, उसकी गुणवत्ता वैश्विक मानकों पर खरी उतरे। टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स या पैकेजिंग- हर भारतीय उत्पाद टॉप क्वालिटी का प्रतीक बनना चाहिए। अब संकल्प लेना चाहिए, क्वालिटी, क्वालिटी और सिर्फ क्वालिटी। मन की बात के 130वें एपिसोड में पीएम ने स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का जिक्र किया। कहा- जनवरी 2016 में शुरू हुई यह पहल तब कई लोगों को समझ में नहीं आई। देश के युवाओं ने जोखिम उठाया, नए प्रयोग किए और इसे जन आंदोलन बना दिया। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश के स्टार्टअप एआई, अंतरिक्ष, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में काम कर रहे हैं। आज देश में 2 लाख से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट: पीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ संदेश को दोहराया। कहा- टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग के जरिए ही विकसित भारत का लक्ष्य मिलेगा। यूएई की ‘ईयर ऑफ द फैमिली’ पहल को सराहा
पीएम ने यूएई द्वारा 2026 को ‘ईयर ऑफ द फैमिली’ घोषित करने की सराहना की। उन्होंने इसे भारत की पारिवारिक परंपरा से जोड़ा। पीएम ने गुजरात के चंदनकी गांव के सामुदायिक रसोई मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार और समुदाय सामाजिक मजबूती की बुनियाद हैं।


