पन्ना जिले के अजयगढ़ में सोमवार को किसानों ने तहसील कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने धान खरीदी केंद्रों पर कमीशनखोरी, अव्यवस्था और उत्तर प्रदेश से अवैध धान खपाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। किसानों ने ज्ञापन में बताया कि अजयगढ़ क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों पर स्थिति नियंत्रण से बाहर है। कुछ दिन पहले मझगांय के बैरागा केंद्र पर भी किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन किया था। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन देकर जाम खुलवाया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर खुलेआम कमीशन की मांग की जा रही है। जो किसान कमीशन नहीं दे पाते, उनकी धान की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी खराब हो रही है। इसके साथ ही, बिचौलियों और व्यापारियों की मिलीभगत से उत्तर प्रदेश से लाई गई सस्ती धान को स्थानीय खरीदी केंद्रों पर बेचा जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने तहसीलदार सुरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांगें हैं कि स्लॉट बुक करा चुके किसानों की धान तुरंत खरीदी जाए, खरीदी केंद्रों से बिचौलियों और दलालों को हटाया जाए, और उत्तर प्रदेश से आ रही अवैध धान की कड़ी जांच की जाए। केंद्रों पर भ्रष्टाचार हावी किसान यूनियन के अध्यक्ष कमलेश पटेल ‘बाबा जी’ ने आरोप लगाया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद किसान अपनी फसल लेकर खड़े हैं, लेकिन केंद्रों पर भ्रष्टाचार हावी है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की धान खरीदी जा रही है, जबकि असली किसानों के स्लॉट समाप्त हो रहे हैं। पटेल ने चेतावनी दी कि यदि यह धांधली नहीं रुकी तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।


