पराक्रमो विजयते…:पहली बार जयपुर में सेना दिवस पर कार्यक्रम… सेना के शौर्य के साथ लोगों का जुनून आसमां पर

लाखों लोगों का सैलाब… हर चेहरे पर सेना के साहस के गर्व का तेज… सामने थे शौर्य और ताकत का प्रदर्शन करते सै​निक। यह नजारा गुरुवार को महल रोड पर 78वें सेना दिवस पर आयोजित ‘वीरोत्सव’ में बताने के लिए काफी था कि हमारा देश ‘अभेद्य दुर्ग’ है। ब्रह्मोस मिसाइल, अत्याधुनिक हथियार पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर, सूर्यास्त्र, आकाश तीर एयर डिफेंस सिस्टम और इगला मिसाइल ने दिखाया कि दुश्मन कहीं टिकने वाला नहीं है। बीकानेर के नाल एयरबेस से उड़ान भरकर आए जगुआर फाइटर जेट के कौशल ने साबित किया कि आसमां का प्रहरी सजग और सक्षम है। सेना का जैसे-जैसे कार्यक्रम बढ़ा वैसे-वैसे लोगों में जुनून परवान चढ़ता गया। लोगों का एक नारा बुलंद था…भारत माता की जय। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, सिक्किम के राज्यपाल जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, सीडीएस अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, साउथ वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मजिंदर सिंह मौजूद रहे। महल रोड पर परेड देखने डेढ़ लाख से भी ज्यादा लोग पहुंचे। इधर, शाम 8 बजे एसएमएस स्टेडियम में ड्रोन शो के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। सेनाध्यक्ष से मेडल लेते समय वीरमाता बेहोश देश के लिए जान देने वाले 5 जवानों के परिजनों को सेना मेडल दिया गया। इनमें 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सूबेदार मेजर पवन कुमार, कुपवाड़ा में शहीद हुए हवलदार सुनील कुमार। घुसपैठ रोकने में शहीद हुए जवान सुभाष कुमार और आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए लांस नायक प्रदीप कुमार शामिल हैं। इस मौके पर शहीद लांस नायक प्रदीप कुमार की वीर माता रामस्नेही मेडल लेते समय बेहोश हो गईं। सेना अधिकारियों ने संभाला और परेड स्थल पर बनाए आर्मी अस्पताल में पहुंचाया। जानिए हमारी सेना की शक्ति सूर्यास्त्र​​​​​​​ – सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर है। एक ही सिस्टम से अलग-अलग प्रकार के रॉकेट और मिसाइलें दागने की क्षमता रखता है।
खासियत – 150 किमी तक रेंज है ब्रह्मोस – ब्रह्मोस मैक 3 गति और 400 किमी रेंज में मार करती है। 5 वर्जन बन चुके। इसकी क्षमता 800 किमी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
खासियत – जमीन-हवा-समुद्र से दाग सकते हैं अर्जुन – अर्जुन टैंक तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है। सभी मौसम में काम करता है।
खासियत : विमानभेदी मशीन गन तैनात है भीष्म – टी-90 भीष्म टैंक 125 मिमी स्मूथ बोर गन और लेजर निर्देशित इनवार मिसाइल से लैस है। 5 किमी तक मार कर सकता है। 1000 हॉर्स पावर का इंजन है। 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलता है। चौथी बार दिल्ली के बाहर आयोजन 2026 : जयपुर में आयोजन किया गया।
2025: सेना दिवस परेड पुणे, महाराष्ट्र।
2024: परेड लखनऊ, उत्तर प्रदेश में।
2023: परेड बेंगलुरु, कर्नाटक में। जनरल द्विवेदी ने कहा- लंबे युद्धों के लिए हथियारों का स्वदेशीकरण जरूरी
“थल सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हथियारों का स्वदेशीकरण जरूरी है। युद्ध दाे दिन चलेगा या दाे साल तक पता नहीं, लंबा युद्ध तभी लड़ा जा सकेगा जब हथियारों का निर्माण व रिपेयरिंग देश में हाे। भविष्य की चुनौतियों काे देखते हुए सेना का आधुनिकीकरण हो रहा है। सेना हर मोर्चे पर लड़ने काे तैयार है। जयपुर की जनता के उत्साह काे देखकर लगता है सेना और जनता के बीच गहरा संबंध है।”

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