जहां चाह, वहां राह…इस कहावत को मुरैना जिले के मेरगान निवासी प्रगतिशील किसान यशपाल कुशवाह ने चरितार्थ कर दिखाया है। कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद यशपाल ने पारंपरिक खेती से हटकर मधुमक्खी पालन शुरू किया। उन्होंने 500 मधुमक्खी बॉक्स खरीदे और शहद उत्पादन किया, लेकिन बाजार में शहद के अपेक्षित दाम नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने निराश होकर मधुमक्खी पालन छोड़ने की बजाय कुछ नया करने का निर्णय लिया। यशपाल ने मधुमक्खियों द्वारा शहद के साथ पैरों में लाए जाने वाले पराग कणों को एकत्र करना शुरू किया और उससे सुपरफूड बी पोलन तैयार किया। बी पोलन को बाजार में शहद की तुलना में पांच गुना तक अधिक कीमत मिलने लगी। इससे मधुमक्खी पालन यशपाल के लिए लाभ का व्यवसाय बन गया। अब यशपाल न केवल अन्य किसानों को पराग कण संग्रह कर बी पोलन बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं, बल्कि उनसे पराग कण खरीद भी रहे हैं। इससे क्षेत्र के अन्य किसानों की आमदनी भी बढ़ी है। एक बॉक्स से 100 ग्राम कलेक्शन यशपाल ने बताया कि मधुमक्खी पालन के लिए खेतों में रखे गए बॉक्स को चारों ओर से बंद किया जाता है। केवल एक छोटा छेद छोड़ा जाता है, जिससे मधुमक्खियां अंदर जा सकें। उस छेद पर लगी विशेष जाली में मधुमक्खियों द्वारा लाए गए पराग कण जमा हो जाते हैं। एक बॉक्स से 10 से 15 दिन में लगभग 100 ग्राम पराग कण एकत्र हो जाता है। इन्हें सुखाकर और फिल्टर कर बी पोलन तैयार किया जाता है, जिसकी स्थानीय बाजार में कीमत करीब 500 रुपए प्रति किलो तक मिल रही है। वहीं, अंतराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक हजार से दो हजार रुपए किलो तक है। क्या है बी पोलन सुपरफूड मधुमक्खी पालन एक्सपर्ट डाॅ.अशोक सिंह यादव ने बताया कि बी पोलन सुपरफूड मधुमक्खियों द्वारा फूलों से एकत्र किया गया पराग होता है, जिसे प्रकृति का संपूर्ण आहार माना जाता है। मधुमक्खियां फूलों से पराग कण इकट्ठा कर उसमें अमृत और अपने विशेष एंजाइम मिलाकर छोटे दानों के रूप में छत्ते तक लाती हैं। इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी खासियत यह है कि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कमजोरी व थकान दूर करने में सहायक होता है।


