सुप्रीम कोर्ट ने धान की पराली को आग लगने वाले किसानों को जेल भेजने का फैसला सुनाया है। जिसको लेकर फाजिल्का में भारतीय किसान यूनियन कादियां ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम एक मांग पत्र डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू को सौंपा। किसानों का कहना है कि इस फैसले पर एक बार फिर से गौर किया जाए। क्योंकि प्रदूषण फैलाने के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं है। साथ ही भारतीय किसान यूनियन कदियां के जिला जनरल सचिव जसपाल सिंह ने कहा कि धान के सीजन के दौरान डिप्टी कमिश्नर द्वारा की जाने वाली बैठक में किसानों को भी शामिल किया जाना चाहिए। प्रदूषण फैलाने के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं होता भारतीय किसान यूनियन कदियां के जिला अध्यक्ष निशान सिंह और जिला जनरल सचिव जसपाल सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सरकार को यह अपील की गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा धान की प्रणाली जलाने वाले किसानों को जेल भेजने का जो फैसला लिया गया है। उसपर दोबारा गौर किया जाए। क्योंकि प्रदूषण फैलाने के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही इन दिनों में फसलों पर बाढ़ और अन्य कई बीमारियों को झेलते हुए कई समस्याओं का सामना कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पत्र के जरिए सरकार को अन्य मुद्दों के बारे में भी जानकारी दी गई है।


