मालखरौदा | क्षेत्र के अधिकांश गांवों में खरीफ में लगाए गए धान फसल की पराली को खुलेआम जलाया जा रहा है। कार्रवाई नहीं होने से उनका हौसला बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के सभी किसानों ने बरसात के दिनों में बड़ी मात्रा में अपने खेतों में धान का फसल लगाई थी। जिसका कटाई कार्य पूरा हो गया है। अधिकांश किसानों की धान खरीदी केंद्रों में पहुंच भी गया है और अब देखने में आ रहा है कि किसान ग्रीष्मकालीन में रवि फसल लेने की तैयारी के चक्कर में पराली को घर ले जाकर खेत में ही आग के हवाले किया जा रहा है। इस आग के धुएं से मित्रकीटों का सर्वनाश होने के साथ ही पर्यावरण में वायु प्रदूषण में भी बढ़ोतरी हो रही है। क्षेत्र में खुलेआम किसान पराली जला रहे है। कृषि विभाग की ओर से भी रोक-टोक का प्रयास नहीं किया जा रहा है। और न ही किसी अधिकारियों ने इस संबंध में कोई पत्रक जारी किया है। जिससे किसानोें में किसी भी प्रकार का डर नहीं है।


