परिजन बोले-छात्रा लौटी, तब स्वस्थ थी, बीमार होने की सूचना नहीं मिली

जिले के कटेकल्याण ब्लॉक स्थित बालिका पोटाकेबिन से जुड़ा एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। पोटाकेबिन में कक्षा तीसरी में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा नम्रता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पोटाकेबिन प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार को पोटाकेबिन में छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे कुआकोंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्ची अस्पताल तक खुद चलकर आई थी और बातचीत भी कर रही थी, लेकिन अचानक उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। प्रबंधन ने बताया कि बच्ची के पैर में चोट थी, जो पोटाकेबिन में झूला झूलते समय लगी थी और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। हालांकि सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पोटाकेबिन अधीक्षिका और कर्मचारी बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराकर लौट गए और अटेंडर के तौर पर एक अन्य छात्रा को छोड़ दिया गया। इसी छात्रा के भरोसे बीमार बच्ची की देखरेख होती रही। मृतका नम्रता, बस्तर जिले के कुकानार की निवासी थी। परिजनों ने बताया कि 31 दिसंबर को शीतकालीन अवकाश के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में पोटाकेबिन लौटी थी। बीमार होने की कोई सूचना उन्हें नहीं दी गई, जबकि मौत के बाद जानकारी दी गई। परिजनों ने सीधे तौर पर पोटाकेबिन अधीक्षिका पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दंतेवाड़ा जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश ध्रुव ने बताया कि लेटकर पानी पीने से पानी सांस की नली में चला जाता है, जिससे तत्काल जान जाने का खतरा होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी। कांग्रेस का जांच दल पहुंचा घटना के बाद कांग्रेस पार्टी का जांच दल जिला अस्पताल और पोटाकेबिन पहुंचा। जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा, सलीम रजा उस्मानी सहित अन्य नेताओं ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। यह घटना एक बार फिर आवासीय विद्यालयों और पोटाकेबिनों में बच्चों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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