परिवहन आयुक्त ने दिया झूठा शपथपत्र…हाईकोर्ट नाराज:जस्टिस बोले- ये न्यायालय की अवमानना, कमिश्नर आज हाईकोर्ट तलब; जनहित याचिका पर हुई सुनवाई

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सिटी बसों के संचालन पर झूठा शपथपत्र देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने इसे न्यायालय की अवमानना मानते हुए परिवहन आयुक्त एस प्रकाश को गुरुवार को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर शपथपत्र देने कहा है। कोर्ट ने पूछा है कि महज 20 दिन में बसें कैसे खटारा हो गई। डिवीजन बेंच ने इस भ्रामक जानकारी को न्यायालय की अवमानना माना है। दरअसल, जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बीते 20 जुलाई को परिवहन आयुक्त एस प्रकाश ने शपथपत्र दिया था, जिसमें बताया गया कि बिलासपुर में छह में से पांच सिटी बस चालू हैं और एक जल्द ही शुरू होने वाली है। जबकि, मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 6 में से 5 बसें चल रही थी। लेकिन, कुछ ही दिन में बसों की हालत खराब हो गई, जिसके कारण सिटी बसों को बंद कर दिया गया है। चीफ जस्टिस बोले- यह भ्रामक जवाब बुधवार (13 अगस्त) को इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पूछा कि परिवहन आयुक्त ने शपथपत्र में बताया था कि 6 में से 5 बसें चल रही है। फिर महज 20 दिन में बसें कैसे खटारा हो गई। कोर्ट ने परिवहन आयुक्त के शपथपत्र को जनता के साथ भ्रामक जानकारी देने जैसा माना और कहा कि उन्हें बताना होगा कि उनके खिलाफ क्यों न अवमानना की कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शुरू हुई बसें, फिर बंद सिटी बसों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसकी लगातार सुनवाई चल रही है। इसमें कोर्ट को बताया गया कि कोरोना काल के पहले प्रदेश के बड़े शहरों में सिटी बस की सुविधा शुरू की गई थी, जिसे कोरोना के बाद बंद कर दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शहर में सालों से बंद पड़ी सिटी बस सेवा शुरू करने के सख्त निर्देश दिए थे। जिसके बाद परिवहन विभाग ने बीमा, फिटनेस और टैक्स सहित मरम्मत कराने के बाद 6 में से 5 बसों का संचालन शुरू किया। लेकिन, बसें फिर से खराब हो गई, जिसके कारण सिटी बस सुविधा बंद कर दी गई। निगम का जवाब- मरम्मत की स्थिति में नहीं है बसें इधर, नगर निगम ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश किया, जिसमें निगम के अफसरों ने बताया कि बसें पुरानी होने के कारण बार-बार खराब हो रही हैं और अब इन्हें मरम्मत करना भी कारगर नहीं है। फिलहाल, शहर से लेकर आसपास के क्षेत्रों तखतपुर, कोटा, खूंटाघाट, बिल्हा में बस सेवा पूरी तरह ठप है। इन रूटों पर लंबे समय से ट्रेनें भी नहीं रुकती, जिससे आमजन के लिए परेशानी और बढ़ गई है। अधिकारियों ने बताया कि नई ई-बसें दीपावली के बाद ही शुरू होंगी। तब तक कितने दिन और जनता को बस सेवा से वंचित रहना पड़ेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

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