परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई:बिना फिटनेस और इंश्योरेंस के बच्चों को ढो रहे स्कूली वाहन, आरटीओ ने 34 किए सीज

शहर के घड़सीसर स्थित चैतन्य टेक्नो स्कूल में बिना फिटनेस और इंश्योरेंस के चल रहे 34 वाहनों पर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीज किया है। आरटीओ अनिल पंड्या, डीटीओ भारती नैथानी, इंस्पेक्टर कपिल कस्वां, करणा राम और रानी सुखवाल की मौजूदगी में यह कार्रवाई हुई। परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि स्कूली बसें और वैन बिना जरूरी दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों के चल रही हैं। जब जांच की गई, तो स्कूल में 6 बसें, 23 वैन और 5 निजी वाहन ऐसे पाए गए, जो बिना फिटनेस और इंश्योरेंस के ही बच्चों को ढो रहे थे। यह बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के निर्देशन में दो टीमों ने संयुक्त रूप से स्कूल का निरीक्षण किया और सभी अवैध रूप से संचालित वाहनों को सीज कर आरटीओ ऑफिस में खड़ा कर दिया। स्कूल बस-वैन के लिए जरूरी नियम फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य की अनिवार्यता यह सुनिश्चित करता है कि वाहन चलने लायक है और उसकी तकनीकी स्थिति ठीक है। दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा अनिवार्य है। दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को किसी प्रकार की बीमा सुरक्षा नहीं मिलती। बिना फिटनेस के वाहन चलाने से ब्रेक फेल, टायर फटने या अन्य तकनीकी खराबी से दुर्घटनाएं हो सकती हैं। परिवहन विभाग की जनहित में अपील आरटीओ अनिल पंड्या ने जनहित में अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों को जागरूक रहना होगा और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चों के स्कूल वाहन के सभी दस्तावेज सही हैं या नहीं। स्कूल प्रबंधन को वाहनों की समय-समय पर जांच करानी होगी ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। परिवहन विभाग भी अब नियमित अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करेगा। भास्कर व्यू: आखिर कब तक करेंगे बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। बिना फिटनेस और इंश्योरेंस वाले वाहन दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं। परिवहन विभाग को ऐसे वाहनों पर नियमित कार्रवाई करनी होगी। अभिभावकों को भी सतर्क रहना चाहिए और स्कूलों से अपने बच्चों की सुरक्षा की गारंटी मांगनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी लेनी होगी और सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे निरंतर जारी रखना होगा, ताकि भविष्य में कोई भी स्कूल प्रशासन बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ न कर सके। एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की भी हो जांच शहर में केवल स्कूल वाहन ही नहीं, बल्कि एंबुलेंस और अन्य व्यावसायिक वाहन भी बिना फिटनेस और इंश्योरेंस के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ऐसे में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को इन पर भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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