अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में भाग लेने के लिए पार्षद संदीप फौलादपुरिया भैंस लेकर आ गए। वहीं पार्षद जगदीश जाटव हाथ में पूरा हिसाब लेकर पहुंचे। कागज पर लिखकर लाए कि कि अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सब मीटिंग में नहीं आते हैं। पार्षद समोसा खाकर निकलते हैं। दोनों मंत्री मीटिंग में नहीं आ रहे। इसके कारण जनता की समस्या का हल नहीं हो पा रही। लेकिन साधारण सभा की बैठक स्थगित कर दी गई। कोरम के अभाव में मीटिंग को स्थगित किया गया। मीटिंग स्थगित होते ही पार्षद फौलादपुरिया सहित कई जने भैंस को रोड के बीच में लेकर आ गए। वहीं पर जिला प्रमुख की कार भी खड़ी थी। कुछ देर तक रोड के बीच में भैंस रही। तब अरावली विहार थाने के इंचार्ज ने आते ही पार्षद से कहा कि रोड जाम नहीं करोगे। ये क्या तरीका है, भैंस रोड पर ले आए। पार्षद भैंस को अंदर ले जाने लगे तो रोक दिया कि मजाक बना रखा है। भैंस सरकारी कार्यालय में कैसे लेकर जाएंगे। इस पर पार्षद संदीप ने कहा- ये तानाशाही मत अपनाओ। गरीबों की भैंस मर गई और प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। यही पार्षद पहले मीटिंग में हाथ में कटोरा लेकर आए थे। पहले पार्षद संदीप फौलादपुरिया प्याज की माला लेकर आए थे। न मंत्री आते न अफसर मीटिंग में पार्षद इस बात को लेकर हंगामा करते रहे कि मीटिंग में 52 में से आधे अधिकारी भी नहीं आते हैं। केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री भी मीटिंग में नहीं आते हैं। इसके कारण अधिकारी गंभीर नहीं हैं। आगे मीटिंग 16 जनवरी को होगी जिला प्रमुख ने कहा कि अगली मीटिंग 16 जनवरी को होगी। इस बार कुछ पार्षद समय पर नहीं आए। जिसके कारण मीटिंग स्थगित की है।


