परीक्षा से वंचित रखने पर कॉलेज को 53 हजार रुपए लौटने के आदेश

भास्कर संवाददाता | चूरू स्थाई लोक अदालत चूरू ने प्रवेश पत्र नहीं देकर परीक्षा से वंचित किए जाने को लेकर दायर परिवाद को स्वीकार करते हुए कॉलेज प्रशासन को प्रार्थी को दो किश्तों में दी गई फीस के 53 हजार रुपए वापस देने के आदेश दिए। प्रार्थी की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट सांवरमल स्वामी ने बताया कि लक्ष्मण कुमार निवासी चलकोई बणीरोतान ने नेहरू टीटी कॉलेज, तारानगर व उसके संस्थापक के खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश किया था। परिवाद में बताया गया कि उसने वर्ष 2022 में पीटीईटी पास किया, तो उसे दो वर्षीय बीएड पाठयक्रम करने के लिए नेहरू कॉलेज तारानगर आबंटित हुई। उसने प्रथम वर्ष की फीस पेटे कॉलेज में 27050 रुपए जमा करवाए। उसने 2023-23 में प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण लिया, लेकिन जून 2023 तक परीक्षा नहीं हुई। इसके बाद उस पर दबाव बनाकर द्वितीय वर्ष की फीस के 26780 रुपए ले लिए गए और रसीद नहीं दी। उसका कोर्ट लिपिक परीक्षा में चयन होने पर फीस के 26780 रु. रिफंड के लिए कहा, तो मना कर दिया गया। उसके पिता एक जुलाई 2023 को कॉलेज गए और फीस वापस देने का बोला तो दुर्व्यवहार कर बाहर निकाल दिया गया। स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष इंदू पारीक और सदस्य रघुवीर सिंह व रिसाल देवी ने परिवाद स्वीकार करते हुए कॉलेज व कॉलेज संस्थापक को आदेश दिया कि वे प्रार्थी से वर्ष 2022-23 की फीस 27050 रुपए व वर्ष 2023-24 की फीस 26780 रुपए कुल 53880 रुपए परिवाद पेश करने की तिथि 10 जुलाई, 2023 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान किया जाएं। प्रार्थी को मानसिक क्षतिपूर्ति पेटे 20 हजार रुपए व परिवाद व्यय के 10 हजार रुपए भी अदा किए जाएं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *