आखिर डेढ़ साल बाद ही सही, नगर निगम का प्रस्ताव धरातल पर उतर आया है। लेकसिटी में घूमने आने वाले पर्यटकाें काे शहर की जानकारी देने के लिए जगह-जगह साइनेज (प्रतीक चिह्न) लगाए जाएंगे। इसके लिए निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले साल 30 जून को हुई जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में कलेक्टर ने भी इस संबंध में आदेश दिए थे। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि नगर निगम ने विभाग से साइनेज के लिए डिजाइन मांगा था। उन्हें इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के साइनेज का डिजाइन भेज दिया है। इसमें सनसेट प्वाइंट, फूलाें की घाटी, फुलवारी की नाल, बायाेलॉजिकल पार्क, जंगल, बर्ड पार्क, शटर स्टाॅक सहित अन्य जगहाें के लिए डिजाइन बनाई गई है। नए बाेर्ड लगने से शहर में आने वाले देश-दुनिया के पर्यटकाें काे आसानी से जानकारी मिल सकेगी। इससे शहर की छवि भी सुधरेगी। बता दें कि लेकसिटी काे कई इंटरनेशनल रैंक मिली हैं। यहां हर माह औसतन डेढ़ लाख पर्यटक आते हैं। शहर में साइनेज की सही व्यवस्था नहीं होने की वजह से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की सही से जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे उन्हें इधर-उधर भटकने के साथ परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में जो साइनेज लगे हैं, वह साधारण होने के साथ काफी कम हैं। 4 तरह के साइनेज लगाने की याेजना दिशात्मक संकेत – इन्हें शहर के एंट्री प्वाइंट और चौराहों पर लगाया जाएगा। इनसे शहर में आने वाले टूरिस्ट को पर्यटन स्थलों की दिशा पता चलेगी। सचित्र-चमकदार संकेत – पर्यटन स्थल के भीतर की छवि दर्शाएंगे। इससे पर्यटक इन जगहों के प्रति आकर्षित होंगे। हवाई संकेत – पर्यटन स्थलों की दूरी दिखाई देगी। सूचनाप्रद संकेत – इन पर पर्यटन स्थल की जानकारी और खासियत अंकित की जाएगी।


