भास्कर न्यूज|भरनो सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भरनो में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुमला विद्या मंदिर की आचार्य संगीता देवी एवं सिसई विद्या मंदिर की आचार्य सरस्वती देवी एवं दक्षिणी भरनो पंचायत की मुखिया ललिता देवी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन आचार्या संयुक्ता देवी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए विद्यालय की आचार्या ज्योति पांडेय ने कहा कि एक समृद्ध समाज की नींव एक शिक्षित और समृद्ध परिवार के द्वारा रखा जाता है,जिसमें मुख्य रूप से घर की महिलाओं का योगदान होता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित माताओं से पंच परिवर्तन को अपनाने का आग्रह किया। ये पंच परिवर्तन है – स्व का बोध (स्वदेशी),नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, पर अपना विषय रखा। मौके पर आचार्या संगीता देवी द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कुटुंब प्रबोधन पर विचार व्यक्त किया गया। उन्होंने माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम जो अपेक्षा अपने बच्चों से रखते हैं उसी अपेक्षा पर खुद भी खरा उतरने का प्रयास करना चाहिए। आधुनिकता के युग में दादा-दादी का साथ तो लगभग छूट ही गया है तो उनकी कमी और कहानी सुनाने की जिम्मेदारी अब माता पिता को ही निभानी पड़ेगी। जितने हम अपने बच्चों को अपने करीब लाएंगे वे मोबाइल से दूर जाएंगे। बच्चों को स्वस्थ भोजन और संस्कार देने की जिम्मेदारी माताओं की ही है। वहीं मौके आचार्या सरस्वती देवी द्वारा महिलाओं के विकास पर विचार रखा गया। मुखिया ललिता देवी ने भी अपने विचार को रखी। कार्यक्रम में काफी संख्या में माताएं उपस्थित थीं कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय, आचार्या संयुक्ता देवी, पूनम सारंगी, सरोज केशरी, सीमा देवी, सुनीता देवी, अर्चना बरवार, गुड़िया देवी, पिंकी देवी सहित सभी आचार्या एवं आचार्य गण तथा सभी कर्मचारियों की प्रमुख भूमिका रही।


