पलामू पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ के महादेव ऐप की तर्ज पर ‘खेलोयार’ नामक वेबसाइट के जरिए देश-विदेश में सट्टेबाजी करवा रहा था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन दुबई से होता है। गिरफ्तार किए गए सदस्य पिछले तीन महीने से हुसैनाबाद में डेरा डाले हुए थे, जहां से ‘खेलोयार’ साइट की फ्रेंचाइजी नंबर 141 संचालित की जा रही थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन बेटिंग की फ्रेंचाइजी 50 लाख रुपए में दी जाती थी। प्रत्येक लेनदेन पर प्रमोटर 70% राशि रखता था, जबकि फ्रेंचाइजी को 30% हिस्सा मिलता था प्रतिदिन लगभग 7 लाख रुपए का लेनदेन होता था प्रत्येक फ्रेंचाइजी को 6000 ग्राहकों की आईडी दी जाती थी, जिससे प्रतिदिन लगभग 7 लाख रुपए का लेनदेन होता था। यह फ्रेंचाइजी सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों से जुड़ी रहती थी और 24 घंटे सक्रिय रहती थी। यदि एक घंटे तक इसमें कोई गतिविधि नहीं होती थी, तो दुबई में बैठा प्रमोटर समझ जाता था कि फ्रेंचाइजी कानूनी कार्रवाई में फंस गई है। ऐसे में तुरंत सभी ग्राहक आईडी को दूसरी फ्रेंचाइजी से जोड़ दिया जाता था। इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड बिहार के औरंगाबाद निवासी राजन कुमार सिंह और छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी शेल्वी उर्फ मनीष बताए गए हैं। पैसा निवेश करने के बाद वापस नहीं लौटाया जाता था एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि इस नेटवर्क का कारोबार करीब 40 हजार करोड़ रुपए का है। लेनदेन में क्रिप्टोकरेंसी और हवाला का इस्तेमाल किया जाता था। पूरा लेनदेन म्यूल खातों (किराए पर लिए गए बैंक अकाउंट) के जरिए होता था। एक म्यूल खाते का उपयोग केवल एक महीने तक ही किया जाता था। ठगी के इस नेटवर्क में पैसा निवेश करने के बाद वापस नहीं लौटाया जाता था। हुसैनाबाद में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस ने अनुमंडल कार्यालय के पास छापेमारी कर सात युवकों को पकड़ा। पूछताछ में ऑनलाइन बेटिंग का खुलासा हुआ। पकड़े गए आरोपियों में छत्तीसगढ़ के राहुल सिंह, बिहार के सुजीत विश्वकर्मा, अजीत विश्वकर्मा, रोहित सिंह, झारखंड के जागेश्वर, जुबेर अंसारी, अयाज आलम और अक्षय कुमार शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि मास्टर माइंड मनीष और राजन पहले पुणे व अन्य बड़े शहरों में भी इसी तरह के बेटिंग नेटवर्क से जुड़े थे।


