पलामू में 18 नवंबर को हुई लूटपाट के मामले में पुलिस ने छह दिनों के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें मुख्य साजिशकर्ता किरायेदार भी शामिल है। पुलिस ने लूटे गए सभी सोने के आभूषण और घटना में इस्तेमाल किए गए सामान बरामद कर लिए हैं। यह घटना शहर थाना अंतर्गत रेडमा छेछानी टोला में हुई थी। फायर ब्रिगेड कर्मी अनिल तिवारी की पत्नी पूनम तिवारी को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। लुटेरों ने ऑनलाइन मंगाए गए प्लास्टिक की बंदूक का इस्तेमाल डराने के लिए किया था। गांव के कुख्यात अपराधी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि लूट की साजिश तीन माह से रह रहे ऑटो चालक किरायेदार विशाल कुमार ने रची थी। विशाल चैनपुर के बंदुआ का रहने वाला है। उसने अपने गांव के कुख्यात अपराधी राजकुमार उर्फ राजू चंद्रवंशी के साथ मिलकर योजना बनाई थी। राजकुमार पर हत्या और आर्म्स एक्ट के सात मामले पलामू और गढ़वा के थानों में दर्ज हैं। घटना में बंदुआ के सचिन कुमार, रोशन कुमार सिंह उर्फ करण और गढ़वा जिले का एक नाबालिग भी शामिल था। पुलिस ने छापेमारी कर दो सोने के मंगलसूत्र, दो सोने की चेन, एक लोकेट, एक अंगूठी, एक फाइबर पिस्टल, घटना में इस्तेमाल बाइक और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपियों की हुई गिरफ्तारी लूटकांड के बाद शहर थाना में कांड दर्ज किया गया था। अनुसंधान के दौरान तकनीकी शाखा से मिली गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने बंदुआ, चैनपुर स्थित एक घर से मुख्य आरोपी राजकुमार को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया था। समय पर की गई कार्रवाई, सटीक सूचना और तकनीकी सहयोग की बदौलत पूरे गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली।


