भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह रविवार रात को धनबाद पहुंचे। चिटाही स्थित रामराज मंदिर के वार्षिकोत्सव में एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों से समां बांध दिया। देर रात तक लोग नाचते-झूमते रहे। पवन सिंह के नजदीक पहुंचने, उनके साथ सेल्फी लेने के लिए युवा उतावले हो रहे थे। रह-रहकर हो-हल्ला हो रहा था। धीरे-धीरे हंगामा बढ़ता चला गया। आखिरकार आयोजकों को रात 10 बजे शुरू हुए कार्यक्रम को दो घंटे बाद 12 बजे ही समाप्त कर देना पड़ा। सुपरस्टार सिंगर पवन सिंह ने चिटाही के रामराज मंदिर में रविवार की रात एक से बढ़कर एक हिंदी और भोजपुरी भजनों की पेश कश से समां बांध दिया। गायिका शिल्पी ने भी अपने अंदाज में श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया भजन संध्या में उन्होंने जब दुलरी बड़ी दुलरीहो मईया बड़ी दुलरी… भजन मां के चरणों में समर्पित किया, तो पूरे पंडाल में मां के जयकारे गूंजने लगे। उसके बाद चमचम चमके लाल चुनरी, लगा ता माई मोरी सुनरी, सूरज के किरनों लजा गइली, सरमा गइली…, छोटी रे मोटी मैया हो…,भगती भाव चाहिए, दिल से लगाव चाहिए, सबरी ने देखा सपनवा, राम आए हैं अंगनवा… गाया तो लोग झूमने-नाचने लगे। गायिका शिल्पी ने भी अपने अंदाज में श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। पवन सिंह ने कहा-बड़ी संख्या में श्रोताओं को देखकर मन गदगद हो गया पवन सिंह को सुनने-देखने के लिए ऐसी दीवानगी थी कि उनके पूरे कार्यक्रमके दौरान काफी हो-हल्ला होता रहा। इससे सुधि श्रोता ठीक से उनके भजन नहीं सुन सके। युवा खासकर पवन सिंह की एक झलक पाने को बेताब दिखे। पंडाल और उसके बाहर तिल धरने तक की जगह नहीं थी। हो-हल्ले की वजह से ही रात 12 बजे पवन सिंह को अपना कार्यक्रम समाप्त करना पड़ा। पवन सिंह ने कहा कि धनबाद में इतना सुंदर आयोजन और देर रात तक इतनी बड़ी संख्या में श्रोताओं को देखकर मन गदगद हो गया।


