शहर विधायक ताराचंद जैन ने बुधवार को विधानसभा में उदयपुर संभाग की चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। उन्होंने शहर के प्रमुख महाराणा भूपाल चिकित्सालय (एमबी हॉस्पिटल) पर बढ़ते मरीज भार का हवाला देते हुए कहा कि यहां प्रतिदिन उदयपुर संभाग ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से भी हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में अस्पताल परिसर में नियमानुसार 34.9 प्रतिशत निर्माण सीमा पूरी हो चुकी है, जिससे नए भवन निर्माण में बाधा है। ऐसे में एमबी से सटे 90 हजार वर्गफीट क्षेत्र में स्थित पशु चिकित्सालय को बड़ी स्थित टीबी हॉस्पीटल परिसर में स्थानांतरित कर उसकी भूमि एमबी में समाहित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि अस्पताल विस्तार संभव हो सके। विधायक जैन ने एमबी में निजी अस्पतालों की तर्ज पर हाईलेवल सुविधाएं उपलब्ध कराने, रोबोटिक उपकरणों की स्वीकृति देने और एक अतिरिक्त एमआरआई मशीन उपलब्ध कराने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि एक ही एमआरआई मशीन होने से मरीजों को 5-6 दिन से लेकर एक माह तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे खासकर जनजातीय क्षेत्र के मरीज प्रभावित होते हैं। इसके अलावा पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय की जर्जर पुरानी बिल्डिंग को शीघ्र हटाकर नई इमारत निर्माण कार्य तेज करने तथा शहर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़े ट्रोमा सेंटर की स्थापना की भी जोरदार पैरवी की। पशु चिकित्सालय को बड़ी में स्थानांतरित करने का सुझाव उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक उन्नयन का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने एमबी चिकित्सालय से सटे पशु चिकित्सालय को बड़ी स्थित टीबी हॉस्पीटल परिसर में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया, ताकि 90 हजार वर्गफीट भूमि अस्पताल विस्तार के लिए उपलब्ध हो सके। उनका कहना था कि इस परियोजना के लिए डीएमएफटी फंड, सीएसआर मद एवं राज्य बजट का उपयोग किया जा सकता है। एमबी में रोबोटिक सर्जरी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई, तर्क दिया गया कि जिस प्रकार कोटा को 25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए, उसी तर्ज पर उदयपुर को भी सुविधा मिले। अस्पताल में एकमात्र एमआरआई मशीन के कारण लंबी वेटिंग को देखते हुए अतिरिक्त मशीन स्वीकृत करने की मांग रखी गई। विधायक ने पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय की पुरानी जर्जर इमारत को तत्काल हटाने और नई बिल्डिंग निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया। साथ ही, उदयपुर जिले से गुजरने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शहर के निकट हाईवे पर एक बड़े ट्रोमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता भी विधानसभा में प्रमुखता से उठाई।


