पहली बार जाट महिला शक्ति संगम:जयपुर में 5 जनवरी को हर जिले से जुटेंगी समाज की महिलाएं; समाज की सशक्त महिलाएं करेंगी मार्गदर्शन

घर-परिवार को एक सूत्र में पिरोकर रखने के साथ महिलाएं समाज में बराबर की भागीदारी निभाने भी खूब आगे आ रही हैं। जयपुर में दुर्गापुरा स्थित एग्रीकल्चर ऑडिटोरियम में पहली बार 5 जनवरी को होने वाले जाट महिला शक्ति संगम में देश-प्रदेश से जाट समाज की महिलाएं शामिल होंगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रहीं जाट महिलाएं समाज की तरक्की और महिलाओं की भागीदारी को लेकर प्रेरक मार्गदर्शन करेंगी। इसमें राज्य के प्रत्येक जिले से समाज की आम व खास महिलाएं आएंगी। मसलन, समाज की मजबूती के लिए अब घूंघट व चूल्हा-चौका करने से लेकर पुलिस, प्रशासन, न्यायिक व अन्य सेवाओं में उच्च पदस्थ महिलाएं मिलकर खास मंथन करेंगी और निर्णय भी लेंगी। आयोजन समिति की सदस्य एडवोकेट सारिका चौधरी, अंकलेश जाखड़, जश्न कौर, डॉ. सुमन चौधरी, लक्ष्मी किवाड़ा, प्रवेश देवी डागर सहित टीम की अन्य महिलाओं ने बागडोर संभाली हुई है। इवेंट्स को लेकर मारवाड़ महिला शिक्षा की महा नायिका मदन कौर, इंटरनेशनल सेलिब्रिटी रूमा देवी, सीधी मारवाड़ी फाउंडर कौशल्या चौधरी ने खास संदेश दिया। आयोजन के ब्रोशर व पोस्टरों का विमोचन समाज की महिला सांसद, विधायक, आईएएस, आईपीएस, आरजेएस, आरपीएस के हाथों करवाया गया। समाज की सफल महिलाएं अपने अनुभव बताएंगी, प्रेरित करेंगी इस संगम को लेकर समाज की महिलाओं में खासा उत्साह है। देशभर की शिक्षित और सशक्त महिलाएं जयपुर में जुटेंगी। द वूमेन एंपावरमेंट कांफ्रेंस में विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाएं अपने सेशन में अपने अनुभव साझा करेंगी। वहीं शिक्षा, समाज सेवा , प्रशासन, राजनीति, वकालत खेल, कला, चिकित्सा व अन्य क्षेत्र की होनहार 25 महिलाओं व बालिकाओं को वूमेन पावर अवाॅर्ड से नवाजेंगी। संगम में मोटिवेशनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई जाएगी समरोह में जाट समाज के गौरवशाली इतिहास, प्रगतिशील वर्तमान और स्वर्णिम भविष्य को लेकर डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई जाएगी। कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मी हरिराम किंवाड़ा ने बताया कि समारोह में महिला सशक्तीकरण को लेकर एक मोटिवेशनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रसारण होगा। अलग-अलग सेशन में पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें संघर्ष से सफलता वाली सक्सेस स्टोरी साझा करेंगी। समाज की दशा-दिशा पर मंथन करेंगी यूं तो हर समाज की तरक्की की असली रीढ़ शिक्षा ही है, फिर भी बदलाव के दौर में सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक रूप से सशक्त समाज की परिकल्पना जरूरी है। इसी कड़ी में जाट समाज की शिक्षित महिलाओं ने सशक्त नारी, मजबूत समाज के लक्ष्य को लेकर आगाज किया है। समाज हित में कुरीतियों को मिटाने और सशक्त समाज की दशा व दिशा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे।

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