पहली बार डीसी के निर्देश पर तहसील कॉम्प्लेक्स में अवैध चैंबरों पर हुई है कार्रवाई

भास्कर न्यूज | अमृतसर डीसी साक्षी साहनी ने जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स में बनाए जा रहे अवैध चैंबरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस कमिश्नर को लैटर लिखा है। लैटर में लिखा है कि प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स नजदीक डी-ब्लॉक में चैंबर बने हुए हैं जिसमें कुछ वकील दीवारों पर अपना नाम लिखकर खाली पड़ी जगह पर चैंबर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। यहां नींव भी डाली जा रही है। जिसकी फोटो नत्थी कर भेजी जा रही कि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिन जगहों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है उनमें चौकी इंचार्ज कचहरी, कचहरी कॉम्प्लेक्स में अफसरों के दफ्तरों वाली साइड व अन्य शामिल हैं। डी-ब्लॉक में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि छुट्टियां या ड्यूटी वाले किसी भी दिन वकील चैंबर नहीं बनाएं। यदि कोई भी वकील अवैध निर्माण कराता है तो सख्ती से रोकें। डीसी के लैटर में यह भी जिक्र किया गया है कि किसी गुप्त व्यक्ति ने दफ्तर में आकर अवैध चैंबर बनाए जाने के बारे सूचित किया है। लैटर की यह कॉपी एसडीएम-2, तहसीलदार-2, पीए डीसी को भी भेजी गई है। गौर हो कि बरसों से डीसी-तहसील कॉम्प्लेक्स में अवैध चैंबर बनाए जा रहे थे लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझा। कोई कार्रवाई न होने के कारण डीसी कॉम्प्लेक्स की बैक साइड एंट्री गेट के बाहर ही अवैध तरीके से कब्जा होता रहा। जबकि इसी रास्ते से तहसीलदार-एसडीएम- नाजर ब्रांच के अफसर-मुलाजिमों का आना-जाना होता है। वहीं नाजर ब्रांच की तरफ से रुटीन में तहसील कांपलेक्स की चेकिंग तक नहीं होती कि कहीं कोई अवैध चैंबर बना रहा हो या कोई अवैध कब्जा किया जा रहा तो उसे रोकें। सब भगवान भरोसे ही चलता रहा। हालांकि डीसी की नोटिस में मामला पहुंचने के बाद पहली बार तहसील कॉम्प्लेक्स में अवैध चैंबरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है। यह बात अलग है कि नियम-कानून को दरकिनार कर कुछ रसूखदार जबरदस्ती करने से बाज नहीं आ रहे। इन्हें राजनेताओं का समर्थन भी आसानी से मिल जाता है। जबकि किसी गरीब ने रोजी-रोटी के लिए काम शुरू किया हो तो प्रशासन को हटाने में घंटों भी नहीं लगते। बता दें कि डीसी के आदेश पर 3 फरवरी की रात डीएसपी की वकील बेटी का अवैध चैंबर तोड़ा गया जिसे 6 को फिर बना लिया गया था। 7 फरवरी को प्रशासन की टीम तहसील कॉम्प्लेक्स में फिर चैंबर को तोड़ने पहुंची तो वकीलों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख मौके पर बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप सैनी पहुंचे और रात में चैंबर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध जताया। वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की । शाम 7 बजे कार्रवाई करने गई टीम 3 घंटे की गहमागहमी के बाद बिना कार्रवाई के लौट गई। इसके बाद चैंबर तोड़ने के प्रयास के विरोध में वकीलों ने बीती 10 फरवरी को पूरा दिन कामकाज ठप्प करके विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों का कहना था कि प्रशासन की धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान 500 केसों की अगली तारीख पड़ी थी।

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