खाटूश्यामजी लक्खी मेले का शुभारंभ 28 फरवरी से होगा। प्रदेश सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु पद यात्रा करते हुए बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचेंगे। जयपुर की तरफ से जाने वाले पदयात्रियों की सुविधा के लिए पहली बार जयपुर से रींगस तक (46 किमी) हाईवे के किनारे नया कच्चा रास्ता तैयार किया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित खाटू धाम पहंुच सके। अभी तक जयपुर से रींगस तक बीच-बीच में करीब 30 किमी पाथ-वे तैयार कर दिया गया है। पाथ-वे बनने के बाद जयपुर से रींगस तक पदयात्रियों को भारी ट्रैफिक के साथ नहीं गुजरना होगा। यह लक्खी मेला 11 मार्च तक चलेगा। {करीब 10 लाख लोग सीकर-बीकानेर हाईवे से पैदल यात्रा करते हुए खाटू धाम पहुंचते हैं। बाकी यात्री वाहनों से जाते हैं। वहीं अन्य सभी जगहों से खाटू धाम में मेले के दौरान 50 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन करते हैं। शहर में यहां भी जाते है पदयात्री… जैसलमेर जिले में पोकरण के करीब बाबा रामदेवरा धाम में हर साल भादवा सुदी बीज से दशम तक बाबा रामदेव के मेले का आयोजन होता है। मुख्य मेला 10 दिन चलता है, लेकिन देशभर से जातरूओं का आना-जाना मेले से 10 दिन पहले से 10 दिन बाद तक लगा रहता है। 10 दिन के मुख्य मेले में करीब 30 लाख लोग दर्शन करते हैं। इस वर्ष ये मेला 2 सितंबर से शुरू होगा। इनमें से करीब 15 लाख लोग पैदल यात्रा करते हुए बाबा रामदेव धाम पहुंचते हैं। {हर साल सीकर-बीकानेर हाईवे पर पदयात्रियों को भारी ट्रैफिक के साथ गुजरने के कारण कई दुर्घटनाएं हो जाती है। एनएचएआई की आेर से हाईवे किनारे पाथ-वे बनाया जा रहा है। ये पाथ-वे करीब 10 फीट चौड़ा व 46 किमी लम्बा होगा। इस पर करीब 7.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। आगे रींगस से खाटू तक रोड के किनारे पदयात्रियों के लिए पहले से ही बीच-बीच में अलग रास्ता बना हुआ है।


