पहली बार बाजार में ड्राई फ्रूट्स तिलकुट, गजक भी डिमांड में

मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। त्योहार से पहले रांची का बाजार तिलकुट की सोंधी खुशबू से गुलजार है। अपर बाजार, लालपुर, रातू रोड, डोरंडा समेत विभिन्न इलाकों में तिलकुट की दुकानों पर देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। पहली बार रांची में ड्राई फ्रूट्स वाले तिलकुट उतारे गए हैं, जो डिमांड में हैं। राजस्थान और दिल्ली की मशहूर गजक की बिक्री में भी तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि, इस वर्ष तिलकुट के दाम पिछले साल की तुलना में 15% तक बढ़ गए हैं। इसका मुख्य कारण तिल के दाम पिछले साल की तुलना में 50 से 60 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि है। अपर बाजार स्थित आधुनिक मिष्ठान भंडार के संचालक विवेक शंकर गुप्ता ने बताया कि जो तिलकुट पिछले साल 360 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, वह इस वर्ष 400 रुपए बिक रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार रांची में ड्राई फ्रूट्स वाले तिलकुट पहली बार बिक रहे हैं, जिनकी मांग भी काफी है। इस बार मकर संक्रांति में 20 लाख लीटर दूध, 200 टन दही की बिक्री का अनुमान मकर संक्रांति के 4 दिनों में दूध कंपनियों ने पिछले साल से 25 प्रतिशत ज्यादा दूध बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रांची में 12 से 15 के बीच 20 लाख लीटर दूध और दो सौ टन दही की बिक्री होने का अनुमान है। मेधा दूध के मार्केटिंग हेड ने कहा कि संक्रांति से पूर्व के 4 दिन में 6.25 लाख लीटर दूध और 90 हजार किलो दही बेचने का लक्ष्य है। जो पिछले साल से 25 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 13 और 14 जनवरी को 4 लाख लीटर दूध, 60 हजार किलो दही बिकेगी। वहीं, सुधा डेयरी के मुख्य कार्यपालक राकेश कुमार का कहना है कि पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत ज्यादा दूध-दही की सप्लाई का लक्ष्य रखा गया है। चार दिन में साढ़े 6 लाख लीटर दूध और 75 टन दही की बिक्री का लक्ष्य है। इस बार प्रीमियम दही की मांग भी काफी ज्यादा है। पिछले साल से 15% तक महंगा बिक रहा तिलकुट सामग्री कीमत

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *