पहले अपने डिवीजन से बाहर इलाज नहीं करवा पाते थे कर्मचारी

भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना गेट हकीमां की पुलिस ने युवक के सिर पर ईंट से हमला कर सोने की चेन छीनकर फरार होने वाले बाइक सवार अज्ञात दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में फतेह सिंह कॉलोनी निवासी राहुल राजपूत ने बताया कि 5 जनवरी रात 10 बजे कारीगर सुशील के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहा था कि जब भगवती बेकरी नगर के पास पहुंचा तो बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। उसमें से एक युवक ने उसके सिर पर ईंट से हमला कर सोने की चैन छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सीसीटीवी खंगालते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी को जल्द काबू कर बनती कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई रेलवे का कर्मचारी अपने परिवार के साथ कहीं घूमने गया है। वहां उसे इमरजेंसी में कोई अस्पताल की सुविधा लेने की जरूरत पड़ जाती है तो अगर वह अपनी डिवीजन से बाहर है तो उसे सुविधा लेने के लिए परेशानी आती थी। मरीज अगर अन्य राज्य आदि में के भी चला जाता था वहां उसे अगर दवाइयों की जरूरत पड़ती थी तो परेशानी बढ़ जाती थी। लेकिन अब अपने मोबाइल के माध्यम से सारी सुविधा कहीं भी ले पाएगा। डॉक्टर भी सारा काम ऑनलाइन ही देखता है और उस मरीज को क्या-क्या बीमारी है, उस संबंधी टेस्ट और दवाइयां भी उसी में अपलोड करते हैं। मेडिकल अधिकारी ने बताया कि सभी कार्य डिजिटल रूप से किए जा रहे हैं। इसलिए समय कम लगता है पारदर्शिता बढ़ी है। मरीज रेलवे एचएमआईएस एप पर अपने मेडिकल रिकॉर्ड देख सकते हैं। मरीज पंजीकरण और प्रतीक्षा समय में काफी कमी आई है। इसके लिए क्यू-आर कोड भी लगा दिए गए हैं। भास्कर न्यूज| अमृतसर रेलवे विभाग ने कर्मचारियों के लिए अस्पताल की सुविधा को यूनीक हेल्थ आइडेंटिफिकेशन (यूएमआईडी) कार्ड पर डिजीटल किया है। इसके लिए पिछले एक साल से विभाग में काम चल रहा है। अब लोगों की सुविधा के लिए रेलवे ने अस्पताल में क्यू-आर कोड भी लगा दिए हैं। जिससे अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचते मरीजों को कोई पर्ची बनानी नहीं पड़ेगी। मरीज का सारा डाटा क्यू-आर कोड के द्वारा उम्मीद कार्ड पर डिजीटल किया गया है। रेलवे का बी ब्लॉक में अस्पताल है। इसके अलावा एक हेल्थ यूनिट रेलवे स्टेशन और एक रेलवे वर्कशाप में है। उक्त तीनों स्थानों से रेलवे के मौजूदा और रिटायर्ड कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य अस्पताल से सुविधा लेते हैं। इस समय रेलवे अस्पताल में 20 हजार से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। यहां तक कि अस्पताल में जम्मू, जालंधर, पठानकोट, धारीवाल, बटाला, अटारी, ब्यास, पट्टी, खेमकरण, तरनतारन आदि से भी कई मरीज इलाज करवाने आते हैं। विभाग ने रेलवे कर्मचारियों के लिए यूएमआईडी कार्ड पर सारी सुविधा शुरू कर दी है। जिससे रोजाना अस्पताल में इलाज करवाने आते 400 के करीब मरीजों को फायदा मिलता है। अब लोग अपने उम्मीद कार्ड के द्वारा ही अस्पताल की सुविधा ले सकेंगे। बी ब्लॉक में रेलवे अस्पताल।

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