सिटी रिपोर्टर | रांची 11 जुलाई से सावन माह की शुरुआत हो रही है। इसे लेकर शहर के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। पहाड़ी मंदिर, सुरेश्वर धाम और विश्वनाथ मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में साफ-सफाई, सजावट और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस बार सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत की जाएगी। पहाड़ी मंदिर में सौंदर्यीकरण का काम जोरों पर है। सावन से पहले यहां की सभी सीिढ़यों में नए टाइल्स लगा दिए जाएंगे। मुख्य मंदिर में भी जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। एसडीओ सह सचिव उत्कर्ष कुमार ने बताया कि सावन में रविवार और सोमवार को भक्त अरघा सिस्टम से जलार्पण करेंगे। पहाड़ी मंदिर का पट सुबह 3.30 बजे सरकारी पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रात नौ बजे मंदिर का पट बंद होगा। श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे पेयजल की व्यवस्था होगी। सावन में कई वैकल्पिक रास्ते बनाए गए हैं। भीड़ को देखते हुए पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार से भक्तों को न भेजकर मंदिर के दाहिने ओर से बैरिकेडिंग कर मंदिर जाने का रास्ता बनाया जा रहा है। यहां से महिला और पुरुष अलग-अलग जाएंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में नारियल फोड़ने वाले जगह से निकासी का रास्ता है, जहां से भक्त बाहर आएंगे। इसके अलावा पहाड़ी मंदिर आने वाले मार्ग शनि मंदिर, दुर्गा मंदिर, राणी सती मंदिर के साथ 7 जगहों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। यहां से गाड़ियों का आना वर्जित होगा। मंदिर परिसर में 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 10 जुलाई को रात तक मंदिर की साज सज्जा पूरी कर ली जाएगी। रविवार और सोमवार को पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट, 200 पुलिस और आरएसएस के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। अन्य दिनों भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेंगे। मंदिर समिति व अन्य समिति मिला कर 300-350 महिला व पुरुष स्वंयसेवी तैनात रहेंगे। सोमवार को अग्निशमन की टीम, सदर की 3 टीम, खोया पाया की टीम व अन्य तैनात रहेंगे। चुटिया स्थित सुरेश्वर धाम के सचिव संतोष कुमार ने बताया कि मंदिर में पिछले वर्ष के भीड़ को देखते हुए इस बार अधिक स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे और बैरिकेडिंग की संख्या बढ़ाई जाएगी। 300 फीट तक बैरिकेडिंग की जाएगी। इस बार निकास द्वार और मंदिर जाने का द्वार अलग-अलग किया गया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। पश्चिम द्वार से भक्त मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे और दक्षिण द्वार से मंदिर से बाहर निकलेंगे। मंदिर को रंग-बिरंगे गुब्बारों, फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया जाएगा। मंदिर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सोमवार को बाबा भोलेनाथ का विशेष शृंगार किया जाएगा। महाआरती के बाद भोग लगाकर भक्तों के बीच वितरण किया जाएगा। अरगोड़ा स्थित शिव बूढ़ा महादेव मंदिर में सावन को लेकर विशेष रूप से सजाया जाएगा। मंदिर के सदस्य शिव प्रसाद साहु ने बताया कि सावन के दौरान हर सोमवारी को आए हुए हजारों भक्तों के बीच मंदिर की ओर से फूल, बेलपत्र, दूध व अगरबत्ती का वितरण किया जाएगा। सावन में भक्त सीधे शिवलिंग पर जलार्पण कर सकेंगे। पूजा की विधि व्यवस्था में 150 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। इसमें महिला-पुरुष दोनों होंगे। पुलिस बल की तैनाती होगी। सावन में दो बार भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए बाहर से कलाकार आएंगे। भोग-भंडारे का आयोजन किया जाएगा। पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ शिव मंदिर के पंडित अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि मंदिर में साज-सज्जा का कार्य 9 जुलाई से शुरू होगा। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगे लाइटों से सजाया जाएगा। पूरे सावन में बाबा का विशेष शृंगार किया जाएगा। बर्फ, भस्म, फूल और फलों से भगवान शिव के विभिन्न रूपों की झांकी सजाई जाएगी। हर दिन महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। बाबा को भोग लगाकर भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।


