पांगरी बांध आंदोलन 10 मार्च तक स्थगित:दो गुने मुआवजे के लिए तीन साल से किसानों कर रहे मांग; 700 परिवार विस्थापित होंगे

बुरहानपुर में पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों ने अपना आंदोलन 10 मार्च 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है। यह निर्णय रविवार को हुई एक बैठक में लिया गया। इससे पहले किसानों ने नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला से मुलाकात की थी। पांगरी बांध परियोजना के किसान पिछले लगभग तीन वर्षों से दोगुने मुआवजे की मांग को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पहले नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला से मुलाकात की थी। रविवार की बैठक में आंदोलन स्थगित करने के साथ यह भी कहा गया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आगे प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन से जुड़े डॉ. रवि कुमार पटेल ने बताया कि यदि सरकार आगामी दिनों में न्यायसंगत मुआवजा प्रदान नहीं करती है, तो आंदोलन को और तीव्र तथा व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अवार्ड घोषित होने तक आंदोलन से विराम लेंगे। पटेल ने यह भी दोहराया कि भूमि अधिग्रहण कानून में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दोगुने मुआवजे का प्रावधान है, और वे इसे लेकर रहेंगे। 287 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में पांगरी बांध परियोजना बुरहानपुर जिले के खकनार क्षेत्र की एक मध्यम सिंचाई परियोजना है। इसका मुख्य उद्देश्य 4400 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करना है। हालांकि, इसके निर्माण से 287 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है, जिससे लगभग 300 किसान और 700 परिवार विस्थापित होंगे। किसानों का कहना है कि उन्हें अभी तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है, जिसके कारण वे पिछले तीन वर्षों से दोगुने मुआवजे और उचित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने इस संबंध में बताया कि जिन किसानों की जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है, वहां अभी कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण के नोटिस बांटे गए हैं, और जो निर्माण कार्य हुआ है, वह सरकारी जमीन पर है। नियमानुसार आगे की प्रक्रिया जारी है।

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