बुरहानपुर जिले की पांगरी बांध परियोजना के डूब प्रभावित किसान पिछले तीन साल से दोगुने मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को राजपुरा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन गांवों के किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें दोगुना मुआवजा नहीं मिला तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह परियोजना जिले की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है, जिससे 4400 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। हालांकि, इसके कारण 227 हेक्टेयर भूमि डूब में जाएगी, जिससे 300 से अधिक परिवार और लगभग 1500 किसान प्रभावित होंगे। आंदोलनों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रवि कुमार पटेल ने बताया कि किसानों की न्यूनतम मांग 20 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजे की है। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले 10 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर देने की बात कही थी। हाल ही में कलेक्टर से हुई चर्चा में 15 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर देने और ब्याज सहित इसे 17 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तक करने का प्रस्ताव दिया गया है। डॉ. पटेल ने कहा कि भू-अधिग्रहण कानून की धारा 26 में दोगुना मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि, अधिकारी केवल एक गुना मुआवजा देने की बात कर रहे हैं और सांत्वना राशि को भी दोगुने मुआवजे में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह अलग से दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि बांध का आधा काम पूरा होने के बाद प्रारंभिक नोटिफिकेशन जारी किया गया था और नहर का काम भी चल रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांगरी, बसाली और नागझिरी गांवों के किसान मौजूद थे, जिन्होंने अपनी मांग दोहराई। देखिए तस्वीरें…


