भास्कर न्यूज| बारां गायत्री शक्तिपीठ परिसर में रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से युवा प्रकोष्ठ डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन (दिया ) राजस्थान द्वारा महाविद्यालय स्तरीय भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा-2026 का आयोजन किया। बौद्धिक महाकुंभ में बारां जिले के पांच प्रतिष्ठित महाविद्यालयों से आए 50 चयनित प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिकता के दौर में युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक आदर्शों से रूबरू कराना रहा। मुख्य अतिथि तेजकरण गालव एवं टीकमचंद मालव ने मां गायत्री के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया। अतिथियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम और सबसे वैज्ञानिक संस्कृति है। उन्होंने बताया कि बिना अपनी जड़ों को पहचाने युवा राष्ट्र निर्माण में पूर्ण योगदान नहीं दे सकते। प्रतियोगिता को अत्यंत रोचक और चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए इसे चार विशिष्ट चरणों में विभाजित किया था। प्रथम चरण में लिखित प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों के सामान्य ज्ञान की परख की गई। जिसके बाद आशुभाषण प्रतियोगिता हुई। जिसमें विद्यार्थियों ने तात्कालिक विषयों पर प्रभावी विचार रखे। इसके बाद परियोजना प्रस्तुतीकरण के जरिए उनकी रचनात्मकता और रैपिड फायर राउंड में उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का परीक्षण किया। विद्यार्थियों ने भारतीय इतिहास, दर्शन और विज्ञान से जुड़े सवालों के उत्तर देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के उपरांत घोषित परिणामों में बेटियों का वर्चस्व देखने को मिला। प्रतियोगिता में पंडित दीन दयाल उपाध्याय टीचर ट्रेनिंग कॉलेज बीएड की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पंडित दीन दयाल उपाध्याय टीचर ट्रेनिंग कॉलेज डीएलएड) की छात्राएं दूसरे स्थान पर रहीं। मां वैष्णवी एजुकेशन इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर की छात्राओं ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान चंद्रप्रकाश सांखला, शैलेश नागर, महेंद्र मीणा, संदीप सिंह, शुभम मालव, ओमप्रकाश मीणा, अरविंद गौतम, विनीत पंकज एवं उमेश मालव ने व्यवस्थाओं को संभाला।


