रायपुर निगम और स्मार्ट सिटी ने पांच साल पहले तालाबों के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के तहत ऐतिहासिक करबला तालाब पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा खर्च किए थे। निगम ने तालाब का गहरीकरण किया और बीच में टापू बनाया। स्मार्ट सिटी ने चारों ओर पेवर ब्लॉक लगाने के साथ बाउंड्रीवाल की थी। बाउंड्रीवाल अब धंसक गई है। बाउंड्रीवॉल बनाने के समय न तो कॉलम और न ही बीम डाला गया था। इस वजह से दीवार धसक कर तालाब में गिरने लगी है। निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे सवाल अब नगर निगम तालाब में 2.44 करोड़ की लागत से फिर से सौंदर्यीकरण करने वाला है। पूर्व कार्यकाल में हुए कामों की गुणवत्ता को लेकर रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने तालाब सौंदर्यीकरण में अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि पाथवे और बाउंड्रीवाल की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाए। मजबूत बेस तैयार किए जाए, ताकि भविष्य में पाथ-वे धंसे नहीं। मंदिर के पीछे लगे एक ट्रांसफॉर्मर को भी शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने मंदिर परिसर के पास स्थित अवैध कब्जों को हटाने के भी निर्देश दिए।


