झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में पाइपलाइन के माध्यम से हो रही दूषित जलापूर्ति को गंभीर मामला मानते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। बुधवार को चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पाइपलाइन में किसी भी तरह की गंदगी प्रवेश न कर पाए और नागरिकों को हर हाल में स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने, बड़ा तालाब की सफाई और अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने पूछा कि पूर्व में जिस ‘रांची वाटर सप्लाई स्कीम’ की जानकारी दी गई थी, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। इन सभी बिंदुओं पर बिंदुवार और विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कोर्ट ने नाराजगी भी जताई। अगली सुनवाई 4 फरवरी को होगी। इधर, रांची के सबसे व्यस्त रातू रोड चौक में पाइपलाइन लीकेज के कारण सड़क पर पानी बहने लगा। लगातार बहते पानी से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


