पाकिस्तानी जासूस को कोर्ट ने जेल भेजा:कोचिंग जाते हुए सेना के मूवमेंट की फोटो खिंचता था, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी जासूसी की

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार झबरा राम की पांच दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। राजस्थान इंटेलिजेंस की पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि झबरा राम दो साल से आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था। साल 2024 में वह सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप का शिकार हुआ था। इसके बाद पैसों के लालच में लगातार भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने लगा। पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह सेना की गतिविधियों, मूवमेंट और संवेदनशील ठिकानों के फोटो व वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से पाक एजेंटों को भेजता था। प्रत्येक फोटो और वीडियो के बदले उसे रकम दी जाती थी। आरोपी हर महीने करीब 2 से 3 हजार रुपए तक की राशि यूपीआई, फोन-पे और गूगल पे के माध्यम से लेता था। जांच में एक मोबाइल नंबर के जरिए करीब 70 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जासूसी की थी जांच एजेंसियों के अनुसार, झबरा राम पोखरण, जैसलमेर और जोधपुर सहित सीमावर्ती इलाकों में जाकर सेना से जुड़ी गतिविधियों की रेकी करता था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उसने पाकिस्तान के लिए जासूसी की थी। इंटेलिजेंस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने नाम से सिमकार्ड खरीदा था। वॉट्सएप चलाने के लिए ओटीपी आईएसआई एजेंटों को दे दिया था। वह अपने नंबर के अलावा दो अन्य मोबाइल नंबरों के जरिए भी पाक एजेंटों के संपर्क में था। कोचिंग के लिए जाते वक्त फोटो खींचता था आरोपी एम-बीएड डिग्रीधारी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे गांव में कोचिंग जाता था। इसी दौरान रास्ते में सेना के मूवमेंट की तस्वीरें खींचकर वह पाक एजेंटों को भेजने लगा। इससे पहले आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन की रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड के दौरान सोमवार को इंटेलिजेंस टीम उसे जैसलमेर लेकर पहुंची थी। यहां फोटो-वीडियो से जुड़े स्थानों की मौके पर तस्दीक कराई गई। बैंक खातों की चल रही जांच इधर, इंटेलिजेंस की तकनीकी टीमें आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही उसके संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई हैं।

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