पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद अचानक हुए लैंडस्लाइड और बाढ़ से 189 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 163 पुरुष, 14 महिलाएं और 12 बच्चे शामिल हैं।
प्रांतीय डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (PDMA) के मुताबिक, 60 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि कई लापता हैं। खैबर में रेस्क्यू वर्क के दौरान एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया, जिससे उसमें सवार दो पायलटों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। खैबर के बुनर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां 91 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा, स्वात में 26 घर, तीन स्कूल और आठ अन्य इमारतें तबाह हो गईं।
21 अगस्त तक बारिश जारी रह सकती है PDMA ने बताया कि 21 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश की संभावना है। खैबर सरकार ने प्रभावित जिलों के लिए 50 करोड़ पाकिस्तानी रुपए की राहत राशि जारी की है। इसके अलावा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 और गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी बारिश और बाढ़ से 5 लोगों की मौत हो गई। दूरदराज के इलाकों में बचाव कार्य के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम और खराब सड़कों ने राहत कार्यों में बाधा डाली है।
अब तक 157 शव बरामद हो चुके बचाव टीम के प्रवक्ता मुहम्मद सोहैल ने बताया कि अब तक 157 से ज्यादा शव बरामद किए जा चुके हैं और 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि, खराब मौसम और संचार सेवाओं के अभाव ने बचाव कार्यों को मुश्किल बना दिया है। जलवायु परिवर्तन से पाकिस्तान में संकट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की वजह से कई सालों से दक्षिण एशिया प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। पाकिस्तान पहले से ही जलवायु परिवर्तन को लेकर बहुत ज्यादा संवेदनशील है। इस साल जुलाई में पाकिस्तानी पंजाब में पिछले साल के मुकाबले 73% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में पुराने और कमजोर घर, जरूरी जल निकासी व्यवस्था न होना और नदियों के किनारे अतिक्रमण की वजह से नुकसान और ज्यादा हो रहा है। घरों के ढहने और बिजली के करंट से भी कई मौतें हुईं है। इस साल मॉनसून की शुरुआत से अब तक पाकिस्तान में 320 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से लगभग आधे बच्चे हैं।


