पाकिस्तान से रिहा प्रसन्नजीत को लेने परिवार अमृतसर रवाना:रोजगार सहायक, पुलिसकर्मी भी साथ; कलेक्टर ने कार से भेजा

बालाघाट जिले के प्रसन्नजीत रंगारी के लिए 7 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। पाकिस्तान की जेल में बंद प्रसन्नजीत 31 जनवरी को रिहा होकर भारत लौट आए हैं। वर्तमान में वे अमृतसर में हैं, जिन्हें लेने के लिए मंगलवार को उनके परिजन और पुलिस की एक टीम रवाना हुई है। प्रसन्नजीत 2017 में घर से लापता हो गए थे। काफी तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया था। हालांकि, दिसंबर 2021 में एक फोन कॉल के जरिए जानकारी मिली कि वे पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। इसके बाद उनकी बहन संघमित्रा ने उनकी घर वापसी के लिए निरंतर प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप 31 जनवरी को उनकी रिहाई संभव हो सकी। प्रशासन ने उपलब्ध कराई कार परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा ने संवेदनशीलता दिखाई और प्रसन्नजीत को अमृतसर से लाने के लिए एक कार उपलब्ध कराई। परिजनों के साथ रोजगार सहायक योगेन्द्र चौधरी और पुलिसकर्मी लक्ष्मी बघेल भी अमृतसर रवाना हुए हैं। प्रसन्नजीत फिलहाल अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों में खुशी का माहौल पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए भारतीयों की सूची में प्रसन्नजीत का नाम होने की खबर 1 फरवरी को परिजनों को मिली थी। जनपद सीईओ गायत्री सारथी ने बताया कि प्रशासन लगातार परिवार के संपर्क में है। सालों बाद बेटे के घर लौटने की खबर से उनकी मां और बहन की आंखों में खुशी के आंसू हैं और वे उनके सकुशल घर पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।

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