ग्वालियर में पुलिस की संवेदनशीलता का एक उदाहरण सामने आया है। सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगौली ने एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला का न केवल भरोसा जीता, बल्कि उसे खाना खिलाकर इलाज के लिए मानसिक आरोग्यशाला भेजा। यह घटना सिरोल क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुई। एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला अचानक वहां पहुंची और मजदूरों व कर्मचारियों पर पथराव करने लगी। इससे निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी गोविंद बगौली महिला आरक्षक और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक काम कर रहे लोगों ने महिला को नियंत्रित करने के लिए उसके हाथ बांध दिए थे और सड़क किनारे बैठा दिया था। टीआई ने सबसे पहले महिला की स्थिति समझने की कोशिश की और उससे बातचीत की। पूछताछ में पता चला कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी और काफी समय से भूखी भी थी। भूख और मानसिक असंतुलन के कारण ही वह ऐसा व्यवहार कर रही थी। महिला ने अपना नाम आरती बताया और कहा कि वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली है। आरती ने पुलिस को बताया कि वह किसी युवक की इंस्टाग्राम स्टोरी देखकर बांदा से ग्वालियर तक आ गई थी, लेकिन बाद में वह युवक कहीं गायब हो गया। पुलिस ने उसकी मदद कर मानवीयता का परिचय दिया।


