आकाशीय बिजली से दो की मौत, किसान जिंदा जला:ग्वालियर-मंदसौर में ओले, 8 जिलों में बारिश; कोहरे से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें लेट

वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। शिवपुरी जिले में एक झोपड़ी पर बिजली गिरने से किसान की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छतरपुर जिले के भगवा थाना क्षेत्र के ग्राम पठिया में खेत से लौटते समय 25 वर्षीय लखन लोधी पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अचानक मौसम बदला और तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी। ग्वालियर और मंदसौर में ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर-मालवा और गुना समेत 8 जिलों में बारिश दर्ज की गई। रायसेन में सुबह ओस की बूंदें जम गईं। कोहरे का असर उज्जैन, मुरैना, देवास, धार, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया और ग्वालियर सहित कई जिलों में रहा। भोपाल और सीहोर में दृश्यता घटकर 50 मीटर तक पहुंच गई। खराब मौसम के कारण दिल्ली से भोपाल और इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने भोपाल, ग्वालियर, रीवा समेत 20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट जारी किया है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम आज के मौसम की तस्वीरें देखिए… सिस्टम के लौटने पर सर्दी का असर बढ़ेगा
बता दें कि पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का कहना है कि जब सिस्टम वापस लौटेगा तो ठंड का असर एक दौर और आएगा। प्रदेश में दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्म
भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं
फरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है।
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है।
जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम
जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर
उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है। मौसम के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

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