पाकुड़ जिले में शैक्षणिक बदहाली और महाविद्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। बुधवार को परिषद के कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केकेएम कॉलेज के प्रशासनिक भवन का घेराव किया। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि महाविद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे छात्रों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। कार्यकर्ताओं ने सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका द्वारा हाल ही में घोषित स्नातक सेमेस्टर 4 के परीक्षा परिणामों पर भी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अंक नहीं दिए गए या तकनीकी त्रुटियों के कारण परिणाम प्रभावित हुए। कई छात्रों को, जिन्होंने परीक्षा दी थी, उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया है। मौके पर मौजूद प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने बताया कि केकेएम कॉलेज में बी.एड (B.Ed) संकाय की मान्यता समाप्त हो गई है, जिसे उन्होंने छात्र हितों के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी है और पीजी (PG) की पढ़ाई सुचारु रूप से बहाल नहीं हो पा रही है। उपाध्याय ने हाल ही में बने कॉलेज के प्रशासनिक भवन की जर्जर स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और ठेकेदार द्वारा कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। उपाध्याय ने मांग की कि बी.एड भवन का निर्माण किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका से सेमेस्टर 4 के गलत परीक्षा परिणामों के लिए छात्रों से माफी मांगने और उनमें सुधार करने की मांग की। उन्होंने जिला प्रशासन से भवन निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच कराने की भी अपील की। उपाध्याय ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद अब चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, और ABVP छात्रों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


