पानी के समस्या से जूझ रहे देशवाल के ग्रामीण:6 महीने से नहीं हो रही प्रयाप्त सप्लाई, ग्रामीणों की चेतावनी 3 दिन में नहीं हुआ सुधार तो करेंगे आंदोलन

नागौर जिले के मेड़ता उपखण्ड के देशवाल गांव में पानी की समस्या को लेकर परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है की जलजीवन मिशन के तहत बनाई गई टंकी से सप्ताह में एक बार पानी सप्लाई दिया जाता है। जबकि नजदीकी गांवों में सप्ताह में पांच दिन पानी सप्लाई दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 6 महीने से यह स्थिति बनी हुई है इसको लेकर कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत के बावजूद कोई हल नहीं निकला है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

​पास के गांवों में नियमित सप्लाई, देशवाल के साथ भेदभाव ​ग्राम विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुनराम कासनियां और समाजसेवी विजय सिंह भोमियां ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पानी के वितरण में सरासर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पास के ओलादन गांव में सप्ताह में पांच दिन नहर का पानी आता है, जबकि देशवाल में केवल एक बार ही सप्लाई दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस तरह का पक्षपात कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और प्रशासन को समान रूप से जल वितरण सुनिश्चित करना होगा।

​फोटो खिंचवाने तक सीमित है विभाग की कार्यप्रणाली ​ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सप्लाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। सप्ताह में एक बार जब पानी छोड़ा जाता है, तो वह मात्र 10 से 15 मिनट के लिए आता है। इतने कम समय और बिना प्रेशर के कारण आधे गांव तक तो पानी पहुंच ही नहीं पाता। अधिकारियों की पोल तब खुली जब ग्रामीणों ने खुद टंकी पर चढ़कर पड़ताल की। जहां अधिकारी दावा कर रहे थे कि टंकी भरी जा रही है, वहीं हकीकत में टंकी खाली पाई गई। कर्मचारी केवल नल चालू कर फोटो खींचते हैं और उसे उच्च अधिकारियों को भेजकर कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं।

​तीन दिन का अल्टीमेटम, रोड जाम और टंकी पर चढ़ने की चेतावनी ​प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीणों ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ग्राम विकास संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ और गांव में वॉल्व लगाकर नियमित सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो उग्र जन आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीण मुख्य सड़क पर जाम लगाएंगे और पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जल जीवन मिशन के लापरवाह अधिकारियों की होगी।

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