पायलट बोले-निर्वाचन आयोग का कामकाज निष्पक्ष नहीं रहा:कांकेर में प्रदेश प्रभारी ने कहा- मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष जरूरी

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने बुधवार को कांकेर के राजीव भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कार्यकर्ताओं से अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। पायलट ने आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में निर्वाचन आयोग का कामकाज निष्पक्ष नहीं रहा है। उन्होंने कर्नाटक और हरियाणा जैसे राज्यों में लाखों वोटों की कथित चोरी का जिक्र किया। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को कई बार उठाया, लेकिन आयोग ने न तो कोई जांच की और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। पायलट के अनुसार, मतदाता सूची समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती, मतदान के दिन के सीसीटीवी रिकॉर्ड हटा दिए जाते हैं और सवालों के जवाब नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि आयोग का काम पहले जैसा पारदर्शी नहीं रहा। देश में पहली बार लोग निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंता और बेचैनी में हैं। मतदाता सूची सुधार के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने की अपील सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मतदाता सूची की गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए सक्रिय होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भूमिहीन, मजदूर, आदिवासी और गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनमें जागरूकता और दफ्तरों में जाकर लड़ने की क्षमता की कमी होती है। बीएलओ की जिम्मेदारी और नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर जोर उन्होंने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया। पायलट ने बताया कि यदि किसी का नाम 2003 की सूची में है, तो उसे एक सरल फॉर्म के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। यदि नाम सूची में नहीं है, तो रिश्तेदार के नाम के आधार पर भी नाम जोड़ने की प्रक्रिया उपलब्ध है। राज्य सरकार पर निष्क्रियता और संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप प्रदेश प्रभारी ने आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में प्रदेश सरकार ने ‘हाथ खड़े कर दिए’ हैं और वह केवल दिल्ली से आने वाले आदेशों का पालन करती है। राज्य सरकार को रोजगार, कानून व्यवस्था और विकास से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। बूथ स्तर पर एकजुटता का आह्वान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मजबूत तैयारी करने का आह्वान किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गरीब, मजदूर, आदिवासी और असहाय लोगों के नाम सबसे ज्यादा हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि हर बूथ में 30-40 नाम ऊपर-नीचे करने से एक विधानसभा में हजारों वोट प्रभावित हो सकते हैं। बघेल ने कांग्रेस परिवार की असली ताकत को एकजुटता बताते हुए कार्यकर्ताओं से बूथ पर जाकर अपने मतदाता का नाम न कटने देने का संकल्प लेने को कहा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *