कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने शुक्रवार को राइजिंग राजस्थान को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- दिल्ली में नेताओं को खुश करने के लिए 35 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए गए। अब घोषणा के बाद निवेश आ नहीं आ रहा है। यह राजस्थान की जनता के लिए शर्मनाक बात है कि सरकार का कोई फोन उठा नहीं रहा है। कोई व्यक्ति एमओयू को लेकर सामने नहीं आया है। धर्म के नाम पर किसी को पाकिस्तानी बोला जा रहा है, विपक्ष के लोगों को बेवजह टारगेट किया जा रहा है। यह सरकार को शोभा नहीं देता है। जब पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र पर सरकार की नहीं चल रही तो फिर बहुत बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के मामले में सरकार पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा- प्रदेश में सरकार को डेढ़ साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा, क्या उपलब्धियां है, कौन मंत्री है या नहीं है, जिनको जिम्मेदारी दी है, उनको निर्वहन करना चाहिए। जनता ने मौका दिया है, चाहे पूरा नहीं तो आधा ही दिया हो, लेकिन काम करना चाहिए। यदि काम नहीं कर पाए तो दुकान बंद कर देनी चाहिए। यह भी करना है, वह भी करना है, लेकिन आधे मन से काम नहीं हो सकते। यदि जन सेवा करने का मौका मिले तो प्रत्येक राजनीतिक दल को पूरे समर्पण भाव के साथ काम करना चाहिए। पायलट शुक्रवार की दोपहर करीब 2 बजे दौसा जिला मुख्यालय के पास रलावता गांव में किसान सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा- पुलिस-प्रशासन पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। पिछले दिनों सीकर और भीलवाड़ा में बड़ी घटनाएं हुई, जब पुलिस-प्रशासन और सरकारी तंत्र पर सरकार की नहीं चल रही तो फिर बहुत बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। किसान सम्मेलन को संबोधित करने से पायलट ने गांव में अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण भी किया। मुझे पिता के राजनेता से ज्यादा फौजी होने पर गर्व
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- स्वर्गीय राजेश पायलट राजनीति में आने से पहले फौज में थे, 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान के दांत खट्टे किए थे, मुझे उनके राजनेता होने से ज्यादा फौजी होने पर गर्व है। फौजियों के मन में जो होता है, वही जुबां पर बोलते हैं, लेकिन राजनीति में बिल्कुल इसका उल्टा होता है। पेट में क्या है और मन में क्या है, यह बिल्कुल जुबान पर आना ही नहीं चाहिए। राजनीति में मन की बात जुबान पर नहीं आती और पेट में गुड़गुड़ होती रहती है, इसलिए राजनीति और फौज में यही सबसे बड़ा फर्क है। परिवार द्वारा जो संस्कार दिए जाते हैं, वही सबसे बड़ी पूंजी होती है, अलग-अलग अवसर आते रहते हैं लेकिन जनता के बीच रहना, उनके सुख-दुख में भागीदार बनना, हर समय जनता का ध्यान अपने जेहन में रखना, यही काम स्वर्गीय राजेश पायलट ने अपने जीवन में किया। गला दबा कंधे पर चढ़कर उन्हें खत्म करने की राजनीति कर रहे
पायलट ने कहा कि हम सब लोग जो राजनीति में है, कभी सत्ता में तो कभी विपक्ष में होते हैं। मुझे लगता है राजनीति में कभी अपना लक्ष्य नहीं बदलना चाहिए। जब सत्ता में होते हैं तो संसाधन ज्यादा होते हैं, अधिकारी और सरकारी मशीनरी से विकास के काम आसानी से करवाए जाते हैं, विपक्ष में होते हैं तो सरकार को आइना दिखाना होता है। लेकिन हम किस प्रकार की राजनीति कर रहे हैं, यह बहुत जरूरी है। देश और प्रदेश की जनता अब बहुत जागरूक है, हम अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरी करने, जोड़ने या फिर तोड़ने, लोगों को मौका देने या फिर उनका गला दबा कंधे पर चढ़कर उन्हें खत्म करने की राजनीति कर रहे हैं। जनता सब देखती रहती है, जिसका मन, विचार और सोच बड़ी होती है, वो बड़े पद पर अपने आप पहुंचेगा। उन्होंने कहा- जिसकी संकीर्ण सोच है, जो लोग कुछ लक्ष्य हासिल करने के लिए ही राजनीति करते हैं, वह लोग बहुत लंबा नहीं चल सकते। जो समर्पित रहते हैं, चाहे हम भाषण कुछ भी दें, लेकिन जनता हमारे कामों को 24 घंटे देखती रहती है। हम सत्ता में हो या फिर विपक्ष में अपने कामों से जनता का मन जीतना पड़ेगा। आज सत्ता को हथियाने की राजनीति हावी
पायलट ने कहा- आज देश की राजनीति पूरी तरह बदलती दिख रही है, पहले संसद में एक-दूसरे का सम्मान और विचारों का आदान-प्रदान होता था। लेकिन आज जो देश में माहौल बना है, वहां धर्म और सत्ता को हथियाने की राजनीति है। हर कीमत पर कुर्सी को पकड़ने की राजनीति है। लेकिन जनता सब कुछ देख रही है, कुछ भी छुपाया नहीं जा सकता। पेपरलीक से जुड़े सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि सरकार लगातार दावा कर रही है कि हम मगरमच्छ को पकड़ेंगे। छोटे- मोटे 2- 4 लोग पकडेंगे। सभी एजेंसी होने के बावजूद दोषियों को पकड़ नहीं आ पा रहे है, इसके कारण सरकार के ऊपर सवाल उठ रहे है। उनके पास जरूर कुछ छिपाने के लिए होगा, उसकी मंशा पर सवाल उठ रहे है। सरकार के घुटने ढीले कर रहे युवा विधायक
पायलट ने कहा- संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया अपने भाषण में कह रहे थे कि टिकट मांगते-मांगते नौजवानों के घुटने ढीले हो जाते हैं। अभी ये विपक्ष की राजनीति करते हुए सरकार के घुटने ढीले कर रहे हैं। यह क्षेत्र पहले दौसा विधानसभा क्षेत्र में और बाद में सिकराय में शामिल हुआ, आगामी दिनों में होने वाले परिसीमन में कहां होगा, इसका कोई पता नहीं है। यहां के सर्व समाज के लोगों ने हमेशा एकजुटता की पहल करते हुए एक-दूसरे को मान सम्मान देकर उदाहरण स्थापित किया है। जबरदस्ती मजबूरी में कोई साथ रहे वह अलग बात है, लेकिन सबका सम्मान करते हुए आगे बढ़ने का उदाहरण दौसा जिले में स्थापित किया है। यहां के लोगों ने अच्छे-बुरे समय में एक-दूसरे का साथ दिया, साथ ही पिछले 40- 45 साल में जो आशीर्वाद मुझे दिया है उसका मैं हमेशा कायल रहूंगा। किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा
उन्होंने किसान सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस बार बहुत अच्छी बारिश और फसल हुई है। किसानों के साथ ऊपर वाला तो न्याय कर रहा है, लेकिन सरकार में बैठे लोग फसल खरीद पर न्याय नहीं कर रहे। फसल खरीद पर कानून बनाने की बात कही, तो दोनों सरकार चुप हो गई। फौजियों के मुद्दे पर सरकार चुप है, युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए साधन उपलब्ध कराने पड़ेंगे, लेकिन सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है। जो लोग सत्ता में बैठे हैं उनको भी सोचना पड़ेगा कि धर्म, मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुसलमान के नाम पर सत्ता हथियाते रहोगे। जब किसान और नौजवान हताश हो जाएगा तो वह जवाब मांगेगा, समय रहते सरकार को सार्थक कदम उठाने चाहिए। ये भी पढ़ें-
पायलट बोले-किरोड़ीलाल मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता नहीं:न उन्हें काम दिया जा रहा, न हटाया जा रहा; सरकार का कन्फ्यूजन वाला मैसेज पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- डॉ. किरोड़ीलाल मीणा मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता ही नहीं है। न तो उनको रखा जा रहा है, न उनको हटाया जा रहा है। न उनको काम दिया जा रहा और न उनसे काम करवाया जा रहा, लेकिन फिर भी वह मंत्री हैं। ये जो असमंजस है, वह किसलिए है? क्या मजबूरियां हैं? पूरी खबर पढ़िए


