पायलट बोले-फोन टैपिंग अब हो या पहले, उसकी जांच हो:हर गलती सजा मांगती है; किरोड़ी के पास सबूत हैं तो खुलासा करना चाहिए

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के फोन टैपिंग आरोप और कांग्रेस राज के दौरान फोन टैपिंग मामले पर सचिन पायलट ने कहा कि फोन टैपिंग बहुत गंभीर अपराध है। वो चाहे पहले हुआ हो या अब हुआ, उसकी जांच होनी चाहिए। जो भी नेता, अफसर, पुलिस अफसर दोषी हो, उनका सच सामने आना चाहिए। हर गलती सजा मांगती है, गलती करेगा तो सजा मिलनी चाहिए। किरोड़ी के फोन टैपिंग के आरोपों को लेकर सचिन पायलट ने बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा- यह किसी विपक्ष के नेता या साधारण आदमी ने नहीं, सरकार के कैबिनेट मंत्री ने खुद कहा है कि उनका फोन टैप हो रहा है। सरकार का कैबिनेट मंत्री आरोप लगा रहा है, सरकार के कार्रवाई करने की जगह संगठन जवाब मांग रहा है। पायलट ने कहा- यह एक मजाक बना रखा है, वह इस्तीफा दिए बैठे हैं, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं होता। कलेक्टिव लीडरशिप में हर मंत्री सरकार की तरफ से बोलता है, उनका स्टेटमेंट सरकार का स्टेटमेंट है। सरकार ने विधानसभा में इसका जवाब नहीं दिया। सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए, सच्चाई सामने आनी चाहिए। कहा- किसी सूत्र ने बताया है तो उसका भी खुलासा करना चाहिए
पायलट ने कहा- अगर किसी सूत्र ने बताया है तो डॉ. किरोड़ीलाल को भी बात सामने लानी चाहिए, खुलासा करना चाहिए। फोन टैपिंग का मामला गंभीर मामला है। सरकार को स्पष्टीकरण देकर व्हाइट पेपर जारी करना चाहिए। पार्टी के लेवल पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा- सरकार के मंत्री ने आरोप लगाया कि उनका फोन टैप हो रहा है, सरकार भले ही कोई जवाब नहीं दे रही हो, लेकिन यह गंभीर मामला है। मंत्रिमंडल की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। सरकार का मंत्री सरकार का अंग है, मंत्री बोलने का मतलब सरकार खुद बोल रही है। अगर वह खुद कह रहे हैं कि फोन टैप हो रहा है और उनका दल उन पर कार्रवाई करता है। यह भाजपा का अंदरूनी मामला है, लेकिन जब मंत्री कह रहा है कि फोन टैपिंग के प्रमाण हैं तो उस पर सदन में सरकार को जवाब देना चाहिए। आरपीएससी में जो हुआ वह एक्सपोज हो चुका
पायलट ने आरपीएससी को लेकर कहा- राजस्थान में हाईकोर्ट की जो टिप्पणी आई है, वह पूरी कहानी बयां करती है। आरपीएससी वह संस्थान है, जहां से प्रदेश का नौजवानों का भविष्य तय होता है। लंबे समय से मैं कहता आया हूं और लोग भी कहते हैं कि आरपीएससी की चयन प्रक्रिया, कार्य प्रणाली और जवाबदेही पूरी तरह कॉम्प्रोमाइज हो चुकी है। जब हाईकोर्ट खुद यह कह रहा है कि आरपीएससी गूंगी बहरी बैठी है तो सरकार के पास कोई कारण नहीं बचा है, उसमें आमूलचूल परिवर्तन हो। पायलट ने कहा- मैंने पहले भी कहा कि परीक्षा आयोजन में लोगों का अगर भरोसा टूटेगा तो वो प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण घटना होगी। आरपीएससी में जो हुआ वह एक्सपोज हो चुका है। बिना समय जाया किए उसमें यह परिवर्तन करना होगा। बार-बार यह कहना कि वह संवैधानिक संस्था है, उसमें तब्दीली करना संभव नहीं है, यह एक बहानेबाजी है। सरकार ने RPSC में बदलाव के​ लिए कुछ नहीं किया, जानबूझकर इसे लटकाया
पायलट बोले- सरकार को एक साल हो गया है, अगर वह चाहती तो बहुत कुछ कर सकती थी। सत्ता में बैठने के बाद आंख बंद कर लेना यह दिखाता है कि अनावश्यक दबाव सरकार के ऊपर होगा। आरपीएससी का पुनर्गठन करने, बदलाव लाने और उनकी वर्किंग को बदलने में सरकार बिना समय गंवाए काम कर सकती थी, लेकिन जानबूझकर इसे लटकाया गया। पायलट ने कहा- अब जब हाईकोर्ट बोल रहा है तो बिना समय जाया किए सरकार को आमूल चूल परिवर्तन करना चाहिए। आरपीएससी में अध्यक्ष से लेकर मेंबर चयन की प्रक्रिया में बदलाव हो। केवल अलग-अलग तबके के लोगों को साधने के लिए नियुक्तियां हो रही है। आरपीएससी के मेंबर पकड़े जा रहे हैं, उसके बावजूद भी कोई बदलाव नहीं हुआ। सरकार कुछ नहीं कर रही है। ये खबर भी पढ़िए…
किरोड़ीलाल बोले- मुझसे गलती हुई है, मैंने स्वीकारा:कार्रवाई क्या होगी, सीएम-खर्रा नहीं बता सकते; भाजपा को नोटिस का दिया जवाब कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने फोन टैपिंग के मामले पर कहा है कि- मुझसे गलती हुई है और नोटिस के जवाब में मैंने स्वीकारा है। मंत्री ने कहा कि अनुशासनहीनता पर कार्रवाई का अधिकार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा और मुख्यमंत्री कार्रवाई के बारे में नहीं बता सकते। (पढ़ें पूरी खबर)

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