भास्कर न्यूज| सिमडेगा केरसई प्रखंड अंतर्गत जेएसएलपीएस की योजनाओं का निरीक्षण शनिवार को उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने किया। इस अवसर पर पलाश जेएसएलपीएस, जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी, सहायक परियोजना पदाधिकारी (मनरेगा), प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी केरसई सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।निरीक्षण कार्यक्रम के तहत बासेन पंचायत के गुझारिया ग्राम में बुनकर समुदाय की महिला समूहों सरस्वती आजीविका समूह, एकता आजीविका समूह एवं लक्ष्मी आजीविका समूह के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त ने आदिवासी पारंपरिक वस्त्र निर्माण, बुनाई एवं विपणन की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही बुनकर समुदाय की ग्रामीण आजीविका गतिविधियों, वस्त्रों के विपणन हेतु बाजार व्यवस्था एवं भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सखी मंडल की सदस्यों एवं ग्रामीणों ने बिजली संचालित बुनकर मशीन उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे उत्पादन लागत कम हो एवं उत्पादन क्षमता बढ़ सके। इस पर उप विकास आयुक्त ने मशीन के रख-रखाव एवं संचालन को लेकर चर्चा की तथा जानकारी दी कि ग्राम स्तर पर निर्मित बुनकर भवन का संचालन सखी मंडल द्वारा किया जाएगा। तत्पश्चात बुनकर भवन का निरीक्षण किया गया। मनरेगा अंतर्गत बागवानी गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। बाघडेगा पंचायत के कर्राझरिया ग्राम में जेएसएलपीएस के खुशी उत्पादक समूह के सब्जी उत्पादन प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जहां समूह की दीदियों ने उप विकास आयुक्त का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। समूह ने एक अतिरिक्त सोलर पैनल सिंचाई संयंत्र की मांग की, जिस पर उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त ने उसी प्रक्षेत्र में मनरेगा अंतर्गत मत्स्य पालन हेतु तालाब निर्माण की सलाह दी। साथ ही मनरेगा की बागवानी योजना एवं आवास योजना का भी निरीक्षण किया गया।इस निरीक्षण भ्रमण कार्यक्रम में जिला स्तर से मनरेगा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आजीविका प्रबंधक, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, मनरेगा एवं आवास योजना से जुड़े कर्मी उपस्थित रहे।


