एमपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में आर्ट्स से संबंधित विषयों कुल परीक्षार्थियों में से 40 प्रतिशत से भी ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होते हैं। इसमें हिस्ट्री और पॉलिटिकल साइंस जैसे विषयों में भी विद्यार्थी मेरिट में स्थान पाते हैं। लेकिन इन विषयों में अच्छे अंक हासिल करने के लिए कई बातों को ध्यान में रखना जरूरी है।
इन पर फोकस किया गया तो परीक्षार्थियों के नंबर कटने की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है और लगभग पूरे अंक हासिल हो सकते हैं। भास्कर ने इन बोर्ड परीक्षा के टाॅपर रहे परीक्षार्थियों की कॉपी का एनालिसिस किया इसी के साथ एक्सपर्ट्स से जाना कि टॉपर्स कैसे लिखते हैं और परीक्षा में उन्हें भी क्या करना चाहिए… महत्वपूर्ण घटनाओं और तारीखों को लिखकर लगातार उन्हें पढ़ें इतिहास में 32 नंबर के वस्तुनिष्ठ प्रश्न आते हैं। यह एनसीईआरटी की किताबों से पूछे जाते हैं। अगर सही किए तो पूरे–पूरे नंबर मिलते हैं। टॉपर्स महत्वपूर्ण घटनाओं और तारीखों को कॉपी में लिख लेते हैं और लगातार उन्हें पढ़ते हैं। ऐसे में वे इनमें पूरे नंबर हासिल कर लेते हैं। पिछली परीक्षा के टॉपर ने तारीखों को अंडरलाइन किया है, महत्वपूर्ण घटनाओं को हाईलाइट किया है। इसी के साथ फ्लो चार्ट या डायग्राम के माध्यम से भी समझाया है। प्रश्न वही हैं लेकिन उसके प्रस्तुतिकरण का तरीका बदल दिया। जैसे, सूफिज्म पर पूछे गए प्रश्न में टॉपर ने फ्लो चार्ट बनाया है। उसके बाद उसमें दिए गए पॉइंट्स के बारे में विस्तार से लिखा है। इसी तरह मोहनजोदड़ो के गृह स्थापत्य की विशेषताओं को भी चार्ट से समझाया है। मैप वर्क जरूर करें मैप वर्क हमेशा आता है। परीक्षार्थी को इसे अच्छे से देख लेना चाहिए कि कौन सा स्थान कहां है। जो मैप दिया जाता है वह फिजिकल मैप होता है, लेकिन छात्र को समझने के लिए पॉलिटिकल मैप देख लेना चाहिए ताकि उसे संबंधित स्थान की स्थिति स्पष्ट हो सके। 4 नंबर के प्रश्न पर फोकस करें दो नंबर के प्रश्न का उत्तर डिटेल में नहीं लिखना है। इसके दो पॉइंट्स लिखें। 4 नंबर के प्रश्नों पर फोकस करें। इसमें कम से कम 5 पॉइंट्स जरूर लिखें। लेकिन, अगर ऑब्जेक्टिव सही किए हैं पूरे 32 नंबर मिलेंगे। 2 नंबर प्रश्नों में शब्द सीमा 30 से ज्यादा न लिखें।
पॉलिटिकल साइंस:
(रश्मि श्रीवास्तव, एक्सपर्ट, सुभाष एक्सीलेंस स्कूल) पॉलिटिकल साइंस के पेपर में परीक्षार्थी चार नंबर के प्रश्न में किसी महत्वपूर्ण घटना के साथ ही उससे जुड़ी अन्य घटनाओं का भी उल्लेख करें। आमतौर पर संयुक्त राष्ट्र संघ, सिक्योरिटी काउंसिल, इमरजेंसी, सिक्योरिटी पॉलिसी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। मान लें कि इमरजेंसी के परिणाम पूछे गए तो परीक्षार्थी को प्रेस सेंसरशिप, तत्कालीन प्रधानमंत्री और उससे जुड़े पहलुओं का भी उल्लेख करना चाहिए। इसी तरह पंचवर्षीय योजना से जुड़े प्रश्न भी आते हैं, यह ऑब्जेक्टिव में भी पूछे जा सकते हैं। टॉपर्स तारीख, महत्वपूर्ण घटनाओं को अलग से हाईलाइट करते हैं। साफ और स्पष्ट लिखने के साथ ही शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखते हैं। परीक्षार्थियों को चाहिए कि वे प्रश्न के अंक के हिसाब से ही लिखें।


